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चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे अस्पताल, मरीज बेहाल

संवाद सूत्र घनसाली: सरकार और स्वास्थ्य विभाग भले ही पहाड़ों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के तमाम दावे कर रहें हो, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। विकास खंड भिलंगना के लगभग 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में वर्षों से डाक्टरों की कमी बनी हुई है। जिससे बीमार ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर दराज क्षेत्रों से पिलखी अस्पताल में आना पड़ता है। समय पर उपचार नहीं मिलने से क्षेत्र के ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के रिक्त पदों पर चिकित्सकों को भेजने की मांग की है।

विकास खंड भिलंगना के दूर दराज क्षेत्रों में ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस मंशा से खोले थे कि लोगों को समय पर प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके। लेकिन, स्वास्थ्य महाकमे की लारवाही यहां भी लोगों पर भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य केंद्र बिना डाक्टरों के खाली पड़े हैं। लोगों को छोटे से उपचार के लिए भी गांव से दूर 40 किमी की दूरी तय कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी आना पडता है। क्षेत्र के घनसाली, हुलानाखाल, अखोड़ी,दल्ला, खवाड़ा, ठेला आदि चिकित्सा केंद्रों पर लंबे समय से चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। यहां प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सक होने चाहिए थे, लेकिन फार्मासिस्टों को ही अधिकांश जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डाक्टरों की की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को कई बार लिखा गया है। मार्च तक नई भर्ती होने पर जिले में डाक्टरों की नियुक्ति कर दी जाएगी।

-- डॉ. भागीरथी जंगपांगी, सीएमओ टिहरी गढ़वाल

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