नरेंद्रनगर महाविद्यालय में बन रही कृत्रिम राक क्लाइबिंग वाल, पढ़‍िए पूरी खबर

राजकीय महाविद्यालय में करीब 20 मीटर ऊंची व 5 मीटर चौड़ी कृत्रिम राक क्लाइबिंग वाल अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत महाविद्यालय के कांडा स्थित परिसर में तैयारी की जा रही है। इसमें युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम पर्यटन विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे हैं।

Sumit KumarThu, 23 Sep 2021 05:37 PM (IST)
राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर कांडा के परिसर में कृत्रिम राक क्लाइबिंग वाल का निर्माण किया जा रहा है।

संवाद सहयोगी, नई टिहरी: राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर कांडा के परिसर में कृत्रिम राक क्लाइबिंग वाल का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें छात्र-छात्राओं को साहसिक खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे छात्रों का साहसिक खेलों में रुझान बढ़ेगा वहीं रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। नवंबर माह तक राक क्लाइबिंग वाल का कार्य पूरा हो जाएगा जिसके बाद इसमें गतिविधियां शुरू हो जाएगी। महाविद्यालय में यह एक नई पहल शुरू की गई है।

राजकीय महाविद्यालय में करीब 20 मीटर ऊंची व 5 मीटर चौड़ी कृत्रिम राक क्लाइबिंग वाल अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत महाविद्यालय के कांडा स्थित परिसर में तैयारी की जा रही है। इसमें युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम पर्यटन विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे हैं।

इस राक क्लाइबिंग वाल में वन हैंड अप डाउन शफल, फेज बाल्डरिंग क्लाइंब, एंगल होल्डिंग एक्टिविटीज, स्पीड अप आरोहण, सरल, मध्यम और कठिन रॉक ट्रेल ट्रैनिंग, लीड आरोहण आदि का प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं को दिया जाएगा। प्रशिक्षण के अलावा विभिन्न एडवेंचर कंपनी में रोजगार के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करने के साथ ही कैंपस प्लेसमेंट भी दिया जाएगा। आरोहण या राक क्लाइबिंग साहसिक खेल युवाओं में लोकप्रिय होता जा रहा है और नरेंद्रनगर महाविद्यालय एक मात्र ऐसा महाविद्यालय है जहां पर्यटन शिक्षा के लिए नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। इस कृत्रिम रॉक क्लाइबिंग वाल में छात्रों को साहसिक खेलों की बारीकियां सिखाई जाएंगी ताकि छात्र इस दिशा में आगे बढ़ सके और उन्हें रोजगार से अवसर भी मिलेंगे।

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पर्यटन के विभागाध्‍यक्ष डा. संजय महर का कहना है कि भारत सरकार की रूसा परियोजना के तहत रॉक क्लाइबंग वाल प्रशिक्षण के लिए क्वाइबिंग उपकरण जैसे रोप्स, हेलमेंट, मिटोंस, जुमार, कारबिरनेर, सी हार्नेस, बॉड हार्नेस, स्पीड पुल्ली, एसेंशन आदि उपकरण खरीदे गए हैं। नवंबर में यह कृत्रिम रॉक क्लाइबंग बनकर तैयार हो जाएगी जिसमें बाद इसमें गतिविधियां शुरू की जाएंगी।

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