इस बार केदारनाथ की राह में बर्फ की बाधा नहीं

इस बार केदारनाथ की राह में बर्फ की बाधा नहीं

केदारनाथ यात्रा तैयारियों की राह में इस बार बर्फ बाधा नहीं बनेगी। धाम में इस बार काफी कम बर्फबारी हुई जिससे पैदल मार्ग समेत अन्य परिसंपत्तियों को भी मामूली नुकसान पहुंचा।

JagranSun, 28 Feb 2021 10:07 PM (IST)

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा तैयारियों की राह में इस बार बर्फ बाधा नहीं बनेगी। धाम में इस बार काफी कम बर्फबारी हुई, जिससे पैदल मार्ग समेत अन्य परिसंपत्तियों को भी मामूली नुकसान पहुंचा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की टीम भी जनवरी अंतिम सप्ताह केदारनाथ में बर्फबारी का जायजा ले चुकी है। टीम ने धाम में एक से दो फीट बर्फ जमी होने और पैदल मार्ग पर कुछ जगह ही रेलिग को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट दी है।

केदारपुरी में इस बार गत वर्षों की तुलना में बहुत कम बर्फबारी हुई, जससे यहां जनवरी-फरवरी में डेढ़ से दो फीट बर्फ ही जम पाई। जबकि बीते वर्ष दस फीट से अधिक बर्फ यहां जमी हुई थी। यात्रा तैयारियों के लिए सबसे पहले बर्फ को ही हटाना होता है, जो बड़ी चुनौती का कार्य है। कई बार तो यात्रा शुरू होने के एक माह बाद भी यात्रियों को बर्फ के बीच से ही गुजरना पड़ता है।

इसके अलावा ज्यादा बर्फ गिरने से सरकारी संपत्तियों को भी खासा नुकसान पहुंचता है। ऐसे में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने में काफी समय लगता है। लेकिन, इस बार कम बर्फबारी होने के कारण प्रशासन निश्चिंत है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मनुज गोयल ने बताया कि जनवरी में प्रशासन की टीम केदारनाथ जाकर बर्फबारी की स्थिति और इससे हुए नुकसान का आकलन कर चुकी है। इसी के आधार पर यात्रा तैयारियां की जाएंगी। धाम के कपाट खुलने की तिथि 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व पर तय होगी।

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खुला हुआ है बदरीनाथ तक हाईवे

गोपेश्वर: शीतकाल में कम बर्फबारी होने के कारण इस बार सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) बदरीनाथ हाईवे को पहले ही खोल चुका है। पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि इस बार होटल-ढाबों व भवनों को भी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, धाम में अभी डेढ़ फीट के आसपास बर्फ जमी हुई है, लेकिन मौसम का यही रहा तो कपाट खुलने तक यह भी पिघल जाएगी। धाम के कपाट 18 मई को खोले जाएंगे

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यात्रा तैयारियों के लिए पर्याप्त समय

उत्तरकाशी: यात्रा तैयारियों के लिए इस बार प्रशासन के पास पर्याप्त समय है और मौसम भी पूरा साथ दे रहा है। बावजूद इसके प्रशासन ने यात्रा तैयारियां शुरू कर दी हैं। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर ऋषिगंगा के पास सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता एसपी सिन्हा ने बताया कि इस मार्ग पर 15 अप्रैल तक एक पुलिया भी बनकर तैयार हो जाएगी। गंगोत्री धाम में भी जियो की 4जी सेवा शुरू हो गई है। जिलाधिकारी उत्तरकाशी मयूर दीक्षित ने बताया कि गंगोत्री में घाटों का निर्माण व टाइल्स लगाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। एक सप्ताह के भीतर गंगोत्री व यमुनोत्री में वेब कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। ताकि जिला मुख्यालय से दोनों धामों पर नजर रखी जा सके। बताया कि यात्रा तैयारियों के संबंध में जल्द गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक प्रस्तावित है। दोनों धाम के कपाट 14 मई को खोले जाने हैं।

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