कोरोना मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए स्वजन काट रहे अस्पताल के चक्कर

संवाद सहयोगी रुद्रप्रयाग अपनों को कोरोना महामारी के चलते खो चुके परिवारों को मृत्यु प्रमाण

JagranPublish:Sat, 12 Jun 2021 05:22 PM (IST) Updated:Sat, 12 Jun 2021 05:22 PM (IST)
कोरोना मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए स्वजन काट रहे अस्पताल के चक्कर
कोरोना मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए स्वजन काट रहे अस्पताल के चक्कर

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: अपनों को कोरोना महामारी के चलते खो चुके परिवारों को मृत्यु प्रमाण पत्र देने में स्वास्थ्य विभाग घोर लापरवाही बरत रहा है। इसके कारण प्रभावित स्वजन पिछले एक महीने से जिला चिकित्सालय के चक्कर काट रहे हैं।

जिला मुख्यालय के पुनाड़ गांव में एक ही परिवार के दो व्यक्तियों की कोरोना से मौत को एक महीना बीत चुका है। लेकिन, अभी तक मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। बीती मई माह में पुनाड़ गांव के जयप्रकाश सेमवाल में कोरोना के लक्षण को देखते हुए परिवार ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार के बाद उसे बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर कर दिया, उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सांस लेने में दिक्कत होने के बावजूद मृतक का न तो जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग और न बेस अस्पताल में आरटी पीसीआर टेस्ट किया गया। जिला चिकित्सालय में महज एंटीजन टेस्ट लेकर उन्हें बेस रेफर कर दिया गया। घटना के एक दिन बाद ही जयप्रकाश सेमवाल के बड़े भाई सच्चिदानंद सेमवाल का भी कोरोना आइसीयू में निधन हो गया। श्रीनगर में मृतक जयप्रकाश सेमवाल का कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के छोटे भाई विनोद सेमवाल ने बताया कि कोरोना के लक्षण के चलते अस्पताल में उपचार के लिए लाने के बाद भी उनका आरटी पीसीआर टेस्ट नहीं किया गया। जबकि, श्रीनगर में कोविड प्रोटोकॉल में अंतिम संस्कार करने के बाद भी उन्हें बेस अस्पताल श्रीनगर और जिला चिकित्सालय की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया जा रहा है। जबकि, दूसरे भाई का श्रीनगर बेस अस्पताल से कोविड से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीके शुक्ला ने बताया कि इस मामले में संबंधित डाक्टर और सीएमएस से वार्ता की गई है। सभी पहलुओं को देखते हुए मामले पर कार्रवाई की जाएगी।