कोरोना ने छीनी केदारनाथ यात्रा पड़ावों की रौनक

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा स्थगित होने के कारण यात्रा से जुड़े एक दर्जन यात्रा पड़ाव प

JagranTue, 11 May 2021 06:24 PM (IST)
कोरोना ने छीनी केदारनाथ यात्रा पड़ावों की रौनक

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा स्थगित होने के कारण यात्रा से जुड़े एक दर्जन यात्रा पड़ाव पर वीरानी छाई हुई है। इन स्थानों पर कोई भी आवागमन नहीं हो रहा है। जबकि यात्रा सीजन में हजारों की संख्या में स्थानीय व बाहरी क्षेत्रों के व्यापारी अपनी दुकानें सजा देते थे। यात्रा शुरू होने से पहले ही इन स्थानों पर चहल-पहल हो जाती थी।

केदारनाथ यात्रा से जुड़े एक दर्जन से अधिक यात्रा पड़ाव यात्रा सीजन शुरू होने से पहले ही गुलजार हो जाते थे। लेकिन इस बार स्थिति बिलकुल उलट हैं। पिछले साल भी यही स्थिति थी। यात्रा शुरू होने वाली है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इन यात्रा पड़ावों पर पूरी तरह वीरानी छाई हुई है। दुकानें बंद पड़ी हैं। शासन की गाइडलाइन के अनुसार क‌र्फ्यू घोषित होने से क्षेत्र के सभी मठ-मंदिरों से लेकर पर्यटक स्थलों में वीरानी छाई हुई है। पूरी केदारघाटी में तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित होने से स्थानीय युवाओं के सम्मुख दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। आगामी 17 मई को केदारनाथ के कपाट खुलने की तैयारियों को लेकर गुलजार रहने वाले यात्रा पड़ावों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। केदार घाटी वर्ष 1998 से लेकर आज तक लगातार प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलने को विवश हैं। लगातार इस क्षेत्र में आपदाएं आती रहती हैं। सबसे बड़ी आपदा वर्ष 2013 में आई, जिसके बाद वर्ष 2016 में ही केदारनाथ यात्रा पटरी पर आ सकी।

विगत दो वर्षों से वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण इन तीर्थ व पर्यटक स्थलों में वीरानी छाई हुई है। भगवान केदारनाथ, द्वितीय केदार मदमहेश्वर तथा तृतीय केदार के तुंगनाथ के कपाट खुलने से पूर्व गुप्तकाशी, फाटा, शेरसी, बडासू, रामपुर, सीतापुर, सोनप्रयाग, गौरीकुण्ड, जंगलचट्टी, रासी, गौण्डार, बनातोली, खटारा, नानौ, दुगलविट्टा, बनियाकुण्ड सहित छोटे बड़े यात्रा पड़ावों पर खूब रौनक रहती थी तथा यात्रा पड़ावों पर व्यवसाय कर रहे व्यापारियों को उम्मीद रहती थी कि आगामी कुछ दिनों में सभी धामों के कपाट खुलने के बाद तीर्थ यात्रियों व सैलानियों की आवाजाही होने से क्षेत्र की आर्थिकी फायदा होगी, मगर विगत दो वर्षों से वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन तथा क‌र्फ्यू लगने से सभी के सपने चकनाचूर हो गए हैं। देवस्थानम बोर्ड, जिला पंचायत, तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूधारियों, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग सहित यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला स्वयं सहायता समूहों की आय में भारी कमी आई है। पूर्व विधायक आशा नौटियाल का कहना है कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण स्थानीय व्यापारी दो जून की रोटी के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। मदमहेश्वर घाटी विकास मंच अध्यक्ष मदन भट्ट का कहना है कि यहां का जनमानस वर्ष 1998 से लगातार प्रकृति की मार झेलने को विवश बना हुआ है।

वहीं देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एमपी जमलोकी का कहना है कोरोना संक्रमण के चलते भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। देवस्थानम बोर्ड के साथ ही व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है। महिला समूह व जिले के छोटे व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.