बारिश से 83 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: जिले में बरसाती सीजन में जल संस्थान की 83 पेयजल योजनाओं को भारी क्षति पहुंची है। इन योजनाओं से लगभग 1.57 करोड़ रुपये की क्षति आंकी गई है। हालांकि संस्थान की ओर से वैकल्पिक तौर पर पानी की सप्लाई की गई। स्थायी व्यवस्था के लिए संस्थान की ओर से इस्टीमेट तैयार कर डीएम कार्यालय को भेज जा रहे हैं। अभी तक लगभग 30 योजनाओं के इस्टीमेट भेजे गए हैं। शीघ्र बजट मुहैया होते ही इन योजनाओं की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।

प्रतिवर्ष मानसून जून से शुरू होकर सितंबर प्रथम सप्ताह तक चलता है। बरसात के इन तीन माह में बारिश के चलते सड़क, स्कूल, नहर, पैदल मार्ग के साथ ही विभिन्न सरकारी संपत्तियों को बड़ी मात्रा में नुकसान पहुंचता है। वैसे संबंधित विभागों की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इन योजनाओं को ठीक कर दिया है, लेकिन बाद में आपदा मद में योजनाओं का प्रस्ताव बनाकर क्षतिग्रस्त योजनाओं को ठीक कराया जाता है। भारी बारिश के चलते जल संस्थान रुद्रप्रयाग की 83 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिले के कई स्थानों पर पुश्तों के टूटने के साथ ही भूस्खलन की चपेट में आने से संस्थान को इन योजनाओं से 157 लाख रुपये की क्षति आंकी गई है। इनमें लस्तर-सुमाड़ी पेयजल योजना को काफी क्षति पहुंची है। जिले की सबसे अधिक ऊखीमठ ब्लाक की 60 योजनाएं शामिल हैं, जबकि जखोली में सात और ऊखीमठ में 16 योजनाओं को क्षति पहुंची है। हालांकि उक्त सभी क्षतिग्रस्त योजनाओं पर जल संस्थान की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही 83 योजनाओं के सापेक्ष लगभग 30 योजनाओं के इस्टीमेट बनाकर डीएम कार्यालय को भेज दिए गए हैं तथा अन्य योजनाओं के इस्टीमेट भी शासन को भेजने की कार्रवाई चल रही है। अब देखना यह है कि कब तक डीएम कार्यालय से योजनाओं के लिए बजट मुहैया हो पाता है। यदि समय रहते योजनाओं पर बजट मुहैया नहीं होता है, तो स्थायी मरम्मत के अभाव में इन योजनाओं पर ग्रामीणों को भारी पेयजल की समस्या से जूझना पड़ सकता है। ब्लाकवार क्षतिग्रस्त योजनाओं की सूची

ब्लॉक,क्षतिग्रस्त योजनाएं

अगस्त्यमुनि,60

ऊखीमठ ,16

जखोली,07

बारिश से जिले में जल संस्थान की कुल 83 योजनाओं को क्षति पहुंची है। इन योजनाओं से कुल डेढ़ करोड़ से अधिक नुकसान आंका गया है। इन योजनाओं के इस्टीमेट बनाकर डीएम कार्यालय भेजे जा रहे हैं। बजट मुहैया होते ही शीघ्र योजनाओं पर मरम्मत का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

संजय ¨सह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान रुद्रप्रयाग

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