पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में चक्काजाम को पहुंचे ग्रामीण तो हरकत में आया लोनिवि

गंगोलीहाट में खस्ताहाल बलियापानी-पनोली सड़क की हालत सुधारने के लिए ग्रामीणों की चक्का जाम की चेतावनी काम आ गई।

JagranWed, 08 Dec 2021 09:22 PM (IST)
पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में चक्काजाम को पहुंचे ग्रामीण तो हरकत में आया लोनिवि

संवाद सूत्र, गंगोलीहाट : खस्ताहाल बलियापानी-पनोली सड़क की हालत सुधारने के लिए ग्रामीणों की चक्का जाम की चेतावनी काम कर गई। ग्रामीण जाम के लिए सड़क पर पहुंचे, इससे पहले ही लोक निर्माण विभाग की टीम लोडर मशीन लगाकर सड़क सुधारीकरण में जुट गई। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों और लोनिवि अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद जाम का फैसला वापस ले लिया गया।

बलियापानी-पनौली सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क सुधारीकरण की मांग कर रहे थे, लेकिन विभाग ने कोई पहल नहीं की। परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को पनार-गंगोलीहाट सड़क पर चक्का जाम की चेतावनी दी थी। प्रात: 10 बजे पनौली के बुजुर्ग, युवा चक्का जाम के लिए सड़क पर पहुंचे, इससे पहले ही विभाग ने सड़क सुधारीकरण के लिए लोडर मशीन सड़क पर उतार दी। इस दौरान ग्रामीणों ने लोनिवि की उदासीनता पर आक्रोश जता सांकेतिक प्रदर्शन किया। मौके पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता से ग्रामीणों की वार्ता हुई। अधिशासी अभियंता ने कहा कि सड़क सुधारीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द सड़क को ठीक कर लिया जाएगा। वार्ता में पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार, पप्पू आर्य, सागर कुमार, दीपक कुमार, देवा लाल, प्रकाश राम, हरीश राम, सुनील कुमार, मुन्ना आर्य सहित तमाम ग्रामीणों के साथ ही गंगोलीहाट थाने के एसआई देवेंद्र बिष्ट मौजूद रहे।

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पांच किमी लंबी सड़क पर 500 गड्ढे संवाद सूत्र, धारचूला : तहसील क्षेत्र की कालिका-खुमती सड़क पिछले पांच वर्ष से बदहाल है। सड़क पर डामर कम गड्ढे ज्यादा हैं। स्थिति यह है कि पांच किमी लंबी सड़क पर 500 गड्ढे बने हुए हैं। इससे आवागमन में लोगों को हो रही परेशानी का अंदाजा लग जाता है। परेशान लोगों ने सड़क की हालत शीघ्र नहीं सुधारे जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

कालिका से खुमती तक एक दशक पूर्व बनी सड़क किनारे नालियां न होने से पानी बहता रहता है, जिससे सड़क पर लगा डामर उखड़ चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण सिंह ने बताया कि सड़क से हर रोज दर्जनों वाहन आवाजाही करते हैं। तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए लोगों के पास यही एकमात्र विकल्प है। सड़क की हालत सुधारने के लिए कई बार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से गुहार लगाई जा चुकी है, लंबे समय बाद विभाग ने गड्ढे भरने की कार्रवाई शुरू की है, लेकिन रेत और बजरी की जगह गड्ढों में मिट्टी भरी जा रही है। बरसात होने पर मिट्टी घुलेगी और लोगों को गढ्डों के साथ-साथ कीचड़ की समस्या भी झेलनी पड़ेगी। क्षेत्रवासियों ने गड्ढे भरने के लिए रेत और बजरी का इस्तेमाल किए जाने की मांग की है। इधर, विभाग का कहना है कि अभी गड्ढों को भरकर समतलीकरण किया जा रहा है। इसके बाद डामर किया जाएगा।

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