सिर्फ पेंशनरों के लिए पुल खोले जाने पर सीमांत के लोगों ने जताई नाराजगी

सिर्फ पेंशनरों के लिए पुल खोले जाने पर सीमांत के लोगों ने जताई नाराजगी

भारत-नेपाल के बीच बने झूला पुल को सिर्फ पेंशनरों के लिए खोले जाने पर पिथौरागढ़ के लोगों ने नाराजगी जताई है। ख्

JagranSat, 21 Nov 2020 11:15 PM (IST)

पिथौरागढ़, जेएनएन: भारत-नेपाल के बीच बने अंतरराष्ट्रीय झूला पुल को सिर्फ पेंशनरों के लिए खोले जाने पर तमाम संगठनों ने नाराजगी जताई है। संगठनों ने मांग की है कि पुल खोले जाने की अवधि में आम लोगों को भी एक दूसरे देश में आने जाने की सुविधा दी जाए।

भारत नेपाल को जोड़ने वाला अंतरराष्ट्रीय झूला पुल 23 से 27 नवंबर तक खोला जाना है, लेकिन इस दौरान सिर्फ नेपाल के पेंशनर पेंशन लेने के लिए भारत आ सकेंगे। अन्य लोगों को आवागमन की फिलहाल कोई छूट नहीं दी जाएगी। महाकाली की आवाज संगठन ने इस पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन के अध्यक्ष शंकर खड़ायत ने कहा है कि पिछले आठ माह से दोनों देशों के बीच सामान्य आवागमन बंद है। सीमा क्षेत्र के तमाम व्यापारियों का पैसा एक दूसरे देश में फंसा हुआ है। व्यापारी वसूली के लिए उन्हें आवागमन की अनुमति दिए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हुई है। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के संबंध वाले इस क्षेत्र की महिलाएं पिछले आठ माह से अपने मायके नहीं जा पाई हैं। 23 एवं 24 नवंबर को विश्व धरोहर घोषित त्रिपुरा देवी में वार्षिक पूजा होनी है। पुल बंद होने के कारण इस वर्ष भारत के लोग इस पूजा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इन दिक्कतों को देखते हुए उन्होंने सीमा के सभी अंतरराष्ट्रीय झूला पुलों को खोले जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल खुलने से जहां स्थानीय लोगों को फिर से रोजगार मिलेगा वहीं पड़ोसी देश के साथ संबंध और भी मधुर होंगे।

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