नेपाल का प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मेला संपन्न

नेपाल का प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मेला संपन्न

भारत की सीमा से लगे नेपाल के प्रमुख यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल त्रिपुरा सुंदरी का मेला संपन्न हो गया।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 08:47 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सूत्र, झूलाघाट: भारत की सीमा से लगे नेपाल के प्रमुख यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल त्रिपुरा सुंदरी में दो दिवसीय मेला संपन्न हो गया है। मेले के प्रमुख दिन मंगलवार को बड़ी जात निकली। जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने भाग लिया।

नेपाल का त्रिपुरा सुंदरी मेला पश्चिमी नेपाल का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। दो दिवसीय मेला सोमवार से प्रारंभ हुआ और मंगलवार को इसका समापन हुआ। सोमवार को छोटी जात निकली। मंगलवार को प्रमुख मेला होने से भारी भीड़ जुटी। इस वर्ष कोरोना काल के चलते बीते वर्षाें की अपेक्षा कम भीड़ रही। अलबत्ता नेपाल की कई प्रमुख हस्तियां मेले में मौजूद रहे। दूसरे दिन मंगलवार को मेले का प्रमख दिन रहा। सुबह मंदिर के गर्भ गृह से देवी का डोला निकला। देवी की जात छह किमी दूर कापड़ी गांव गई। कापड़ी गांव को देवी का मायका माना जाता है। इस दौरान डोले की पूजा होती रही । कापड़ी गांव में पूजा अर्चना और रस्म पूरा करने के बाद जात मांछ होते हुए वापस मंदिर लौटी और देवी को गर्भ गृह में रखा गया।

त्रिपुरा सुंदरी मेला पशु बलि के लिए जाना जाता है। इस मेले में प्रतिवर्ष सैकड़ों जानवरों की बलि दी जाती है। इस वर्ष 42 कटरों और 65 बकरों की बलि दी गई। कोरोना के चलते भारत नेपाल सीमा आम लोगों के लिए सील होने से इस वर्ष भारत से भी काफी कम संख्या में भारतीय श्रद्धालु मेले में पहुंचे। बीते वर्षो तक भारत से हजारों की संख्या में श्रद्धालु त्रिपुरा सुंदरी मेले में पहुंचते थे। मेले में सुरक्षा के लिए नेपाल सेना, नेपाल सशस्त्र बल और नेपाल प्रहरी भारी संख्या में तैनात रहे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.