जीजीआइसी की शिक्षिका का शव पेड़ से लटकता हुआ जंगल में मिला, खटक रहे ये सवाल

जीजीआइसी की शिक्षिका का शव पेड़ से लटकता हुआ जंगल में मिला, खटक रहे ये सवाल

पिथौरागढ़ के चार दिन से लापता राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका हरिप्रिया जोशी का शव रविवार को हाटथर्प के जंगल में पेड़ से लटका मिला।

Publish Date:Mon, 10 Aug 2020 05:52 AM (IST) Author:

पिथौरागढ़, जेएनएन : पिथौरागढ़ के चार दिन से लापता राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका हरिप्रिया जोशी का शव रविवार को हाटथर्प के जंगल में पेड़ से लटका मिला। पति ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद से पुलिस, राजस्व, एसएसबी की टीमें तलाश में जुटी थीं। इस बीच उनका शव मिलने से मामला संदिग्ध हो गया है। हरिप्रिया पांच अगस्त से ही घर से लापता थीं। पुलिस ने उनका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया था। शुक्रवार को उनकी लोकेशन असनोला में मिली, लेकिन पता नहीं चल सका। बाद में फोन भी बंद हो गया।

 

रविवार अपराह्न तीन बजे पुलिस, राजस्व व एसएसबी की संयुक्त टीम ने तहसील मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर हाटथर्प के जंगल में खोजबीन शुरू की। इस बीच खाई के किनारे पेड़ से उनका शव लटका दिखा। थाना प्रभारी एके धनगड़ ने बताया कि मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।

 

प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या माना जा रहा है। फिलहाल जांच चल रही है। जल्द ही पूरा मामला सामने होगा। खटक रही आत्महत्या की बात पुलिस भले ही मामले को आत्महत्या मान रही है, लेकिन हालात, घटनास्थल और साक्ष्य को देखें तो पूरा घटनाक्रम संदिग्ध है। हरिप्रिया जोशी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में तैनात थीं। सहयोगियों से उनका व्यवहार सामान्य था। परिवार भी भरापूरा रहा। ऐसे में कोई महिला क्यों आत्महत्या करेगी? इस सवाल का जवाब तलाश कर ही पुलिस पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट कर सकती है।

 

आत्महत्या का एक कारण नहीं

पारिवारिक हालात देखें तो आत्महत्या के एक भी कारण नजर नहीं आ रहे। हरिप्रिया जोशी के साथ ही उनके पति भी सरकारी शिक्षक हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर है। पति-पत्नी के संबंध भी मधुर हैं। हाल फिलहाल कोई विवाद भी नहीं हुआ। सवाल जो खटक रहे -सामान्य हालत में आत्महत्या क्यों? -भरे-पूरे परिवार और पति-पत्‍‌नी में बेहतर संबंध में ऐसा कदम क्यों? -घर से करीब चार किमी दूर जाकर क्यों लगाई फांसी? -जिस स्थान से शव उतारने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत वहां कैसे चढ़ीं हरिप्रिया?

 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.