अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर आशाओं का प्रदर्शन

संवाद सूत्र, थल: महिला चिकित्सालय गोचर में प्रसव की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। अधिकांश महिलाओं को जिला मुख्यालय रेफर किया जा रहा है। जिन महिलाओं के प्रसव हो रहे हैं उन्हें अपने खर्च पर स्वछक का इंतजाम करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था से नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदेश सरकार और स्वास्थ विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

महिला चिकित्सालय में वर्ष 2004 से महिला चिकित्सक और 2006 से फार्मेसिस्ट का पद खाली पड़ा हुआ है। स्टाफ नर्स और वार्ड आया की देखरेख में अभी तक प्रसव कराए जा रहे थे। 31 दिसंबर को वार्ड आया के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद अधिकांश महिलाओं को प्रसव के लिए सीधे जिला चिकित्सालय रेफर किया जा रहा है। अस्पताल में जिन महिलाओं के प्रसव हो रहे हैं उन्हें स्वच्छक का इंतजाम खुद ही करने को कहा जा रहा है। महिलाओं के परिजन अपने खर्च पर स्वच्छक का इंतजाम कर रहे हैं।

इस अव्यवस्था से गुस्साई आशा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। आशा यूनियन की जिलाध्यक्ष इंद्रा देऊपा ने कहा कि बीते रोज वे स्वयं एक गर्भवती महिला को लेकर अस्पताल पहुंची थी। डयूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने प्रसव कराने से इंकार करते हुए महिला को जिला मुख्यालय रेफर कर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्थाएं सुचारू नहीं की गई तो उग्र आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में दीपा पाठक, कमला देवी रेणू देवी, इंद्रा देवी, ज्योति पुनेठा, तारा देवी, दमयंती देवी, भागीरथी देवी, पिंकी कलौनी, पुष्पा देवी, ज्योति देवी, सोनी मेहता, गीता देवी, सुमन देवी, दीपा चौहान आदि शामिल थीं। इधर सीएमओ डा.ऊषा गुंज्याल ने कहा कि प्रसव नहीं होने की की शिकायत की जांच कराई जाएगी।

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