तेजम बनी पिथौरागढ़ जिले की बारहवीं तहसील

संवाद सूत्र, नाचनी : जिले की बारहवीं तहसील तेजम अस्तित्व में आ गई है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तहसील कार्यालय का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कई विकास कार्यो का शिलान्यास करते हुए तल्ला जोहार के लिए सड़कों और खेल मैदानों की घोषणा की ।

तहसील मुनस्यारी के तल्ला जोहार को अलग तहसील की घोषणा तो पूर्व में हो चुकी थी । गुरुवार को तहसील अस्तित्व में आ चुकी है। तहसील का उद्घाटन करते हुए सीएम हरीश रावत ने कहा कि तेजम में तहसील बनने से तल्ला जोहार के लोगों को सुविधाएं मिलेंगी। अभी तक क्षेत्र की जनता को तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए 80 किमी दूर जाना पड़ता था। अब जनता को क्षेत्र में ही सुविधाएं मिलेंगी।

इस मौके पर जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में 1000 सड़कों में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में सेवा, औद्योगिक और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि धारचूला विस क्षेत्र में दो वर्षो के भीतर दो तहसीलों के अलावा पालीटेक्निक कालेज, आइटीआइ खोलने के अलावा कई विद्यालयों का उच्चीकरण किया गया। सरकार हस्तशिल्प, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। इस मौके पर उन्होंने डीएम को एक माह के भीतर समस्त महिला समूहों के बैंक खातों में पांच हजार रुपये की धनराशि जमा करने के निर्देश दिए।

उद्घाटन अवसर पर अध्यक्ष वन विकास निगम हरीश धामी, जिलाधिकारी रंजीत सिन्हा, एडीएम मो. नासिर, कुंदन बथियाल, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष जगत बृथ्वाल, जगत महर, नरेश कुमार द्विवेदी, मनोहर टोलिया आदि उपस्थित थे।

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इन कार्याें की हुई घोषणाएं

1. होकरा से लीती तक पांच किमी मोटर मार्ग

2. तल्ला भैंस्कोट से बजेता आठ किमी मोटर मार्ग

3. धापा बैंड से बुई तक पीएमजीएसवाइ के तहत मोटर मार्ग

4. भैंस्कोट, तेजम और धामी गांव में खेल मैदान

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फूलों की माला नहीं, रमाड़ी के संतरे चाहिए

नाचनी: तेजम में कार्यकर्ताओं द्वारा फूलों की माला के साथ स्वागत किए जाने पर सीएम हरीश रावत ने इसके स्थान पर रमाड़ी के संतरे होने पर खुशी मिलने की बात कही। तल्ला जोहार से जुड़े बागेश्वर जनपद के रमाड़ी का संतरा प्रसिद्ध था। इस सीजन में तल्ला जोहार के बाजारों में रमाड़ी का संतरा छाया रहता था। स्वाद से लेकर आकार में अन्य स्थानों के संतरे को मात देने वाले इस संतरे का उत्पादन अब शून्य हो चुका है। तेजम में सीएम द्वारा रमाड़ी के संतरे की बात किए जाने पर सरकार को विशिष्ट प्रजाति के संतरा के विलुप्त होने का पता चला।

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