परिसर निदेशक के सामने भिड़े छात्रसंघ पदाधिकारी

संवाद सहयोगी, पौड़ी: गढ़वाल विवि के पौड़ी परिसर छात्रसंघ पदाधिकारियों के बीच छात्रसंघ उद्घाटन समारोह को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। आयोजन की तिथि पर छात्रसंघ पदाधिकारी दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट ने आयोजन के लिए निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दिए हैं। जबकि, दूसरे गुट ने इस तिथि को मानने से इन्कार कर दिया है। शुक्रवार को छात्रों के दोनों गुट परिसर निदेशक कार्यालय में शिक्षकों के समक्ष ही भिड़ गए। स्थिति हाथापाई तक पहुंचती कि वहां मौजूद निदेशक व अन्य शिक्षकों ने किसी तरह छात्रों को शांत कराया। प्रशासन दोनों गुटों को मनाने का प्रयास कर रहा है। वहीं छात्रसंघ सचिव ने आयोजन की तिथि न बदले जाने पर धरने की चेतावनी दी है।

छात्रसंघ अध्यक्ष आस्कर रावत का कहना है कि डीएसडब्ल्यू व नियंता बोर्ड के साथ बैठक के बाद उद्घाटन समारोह की तिथि 28 नवंबर नियत की गई है। इसके लिए निमंत्रण पत्र भी छपवा दिए गए हैं। लेकिन, कुछ लोग बेवजह विवाद कर रहे हैं। विवि प्रतिनिधि नितिन रावत ने कहा कि छात्रसंघ उद्घाटन समारोह हर हाल में 28 नवंबर को ही आयोजित किया जाएगा। वहीं छात्रसंघ सचिव गोपाल रावत का आरोप है कि परिसर प्रशासन ने एक पक्ष के दबाव में आकर यह तिथि नियत की है। पूर्व में इसी गुट के दबाव में दो बार तिथियों में बदलाव किया गया है। सचिव गोपाल रावत ने परिसर प्रशासन पर उनकी उपेक्षा का आरोप भी लगाया। चेतावनी दी कि यदि तिथि में बदलाव नहीं किया गया तो वह शनिवार से परिसर में धरना देंगे। परिसर निदेशक प्रो. आरएस नेगी ने कहा कि परिसर के नियंता व डीएसडब्ल्यू बोर्ड के बाद छात्रसंघ उद्घाटन समारोह पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. अरुण रावत, डॉ. पीयूष सिन्हा, छात्रसंघ उपाध्यक्ष विमल कुमार, कोषाध्यक्ष सचिन रावत, सह-सचिव अमित नेगी, कार्यकारिणी सदस्य रजनी बिष्ट, रचना बिष्ट, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष नेगी, पूर्व विवि प्रतिनिधि मोहित सिंह, राजेश भंडारी, आकाश रावत आदि मौजूद थे।

कुलपति के इन्कार से मायूस हैं छात्र

छात्रसंघ पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता के लिए कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल को भी निमंत्रण दिया था। लेकिन, कुलपित ने दीक्षा समारोह की तैयारियों की व्यस्तता की बात कहकर उनका निमंत्रण ठुकरा दिया। छात्रों का कहना है कि विवि प्रशासन अक्सर पौड़ी व टिहरी परिसर के छात्रों की उपेक्षा करता है। बिड़ला परिसर में होने वाले सभी कार्यक्रमों में कुलपति सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहते हैं। लेकिन, पौड़ी व टिहरी परिसरों के कार्यक्रमों को नजर अंदाज कर दिया जाता है।

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