मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण की जरूरत

मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण की जरूरत
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 10:37 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल: वर्तमान समय में मीडिया एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विषय पर बिड़ला परिसर श्रीनगर के राजनीति विज्ञान विभाग में परिचर्चा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर सरकार को भी अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। गढ़वाल विवि आर्ट फैकल्टी के डीन प्रो. सीएस सूद ने संविधान के अनुच्छेद 19 और मौलिक अधिकारों से संबंधित केशवानंद भारती केस के संदर्भ में मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मीडिया और समाज को भी वर्तमान में स्वअनुशासित होने की जरूरत है।

राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. आरएन गैरोला ने मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समकालीन परिपेक्ष्य में इसकी भूमिका को लेकर अलग-अलग व्याख्या प्रस्तुत की। प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत के गिरते स्तर पर चिता व्यक्त करते हुए प्रो. गैरोला ने कहा कि सरकार को इसके प्रति अधिक सकारात्मक और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि आपदा और अन्य संकट के समय सरकारें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगा देती है। पेड न्यूज और फेक न्यूज के संदर्भ में प्रो. सेमवाल ने कहा कि न्यूज फेक नहीं होती है वरन उसकी सामग्री फेक होती है। मीडिया को भी निष्पक्षता और नैतिकता के साथ तथ्य पाठक के समक्ष रखने चाहिए। शोध छात्र देवेंद्र सिंह, लूसी लोहिया, अरविद सिंह रावत ने भी विचार व्यक्त किए। परिचर्चा का संचालन मनस्वी सेमवाल ने किया।

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