यूथ फाउंडेशन तैयार कर रहा जांबाज सैनिक, प्रशिक्षण, रहना और भोजन सब फ्री

पहले कैम्प मैं 39 युवाओं को 3 माह का कठिन प्रशिक्षण दिया गया। इनमे से 35 का सेलेक्शन हुआ था।

त्तरखण्ड के युवकों को फौज में भर्ती करने के लिए कर्नल अजय कोठियाल की संस्था यूथ फाउंडेशन न केवल प्रोत्साहित कर रही है बल्कि उनको सेना में भर्ती किये जाने के लिए प्रशिक्षण भी दे रही है। साथ मे उनके भोजन पानी की व्यवस्था वह भी पूरी तरह से निशुल्क।

Prashant MishraSat, 15 May 2021 07:27 PM (IST)

जागरण संवाददाता, रामनगर : उत्तराखण्ड की भूमि जांबाज सेनिको से भरी पड़ी है। उत्तरखण्ड के युवकों को फौज में भर्ती करने के लिए कर्नल अजय कोठियाल की संस्था यूथ फाउंडेशन न केवल प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि उनको सेना में भर्ती किये जाने के लिए प्रशिक्षण भी दे रही है। साथ मे उनके भोजन, पानी की व्यवस्था वह भी पूरी तरह से निशुल्क। ये बात दीगर है कि पिछले साल लॉक डाउन जब से लगा है तब से युवाओ को सेना में भर्ती के लिए शुरू किया गया प्रशिक्षण शिविर बन्द है। मगर युवक इस यूथ फाउंडेशन के ट्रेनिग सेंटर के खुलने की बाट जोहते रहते है।

पूरे उत्तरखण्ड में है शिविर यूथ फाउंडेशन के कुमाऊ कोआर्डिनेटर तेजेश्वर घुगत्याल बताते है कि शौर्य चक्र, कीर्ति चक्र विशिष्ठ सेवा मेडल से सम्मानित कर्नल अजय कोठियाल द्वारा गंगोत्री में यूथ फाउंडेशन की शुरुवात हुई। तय किया गया कि जो भी बच्चा यूथ फाउंडेशन के कैम्प में आर्मी की ट्रेनिंग लेगा उसके भोजन रहने आदि की व्यवस्था यूथ फाउंडेशन करेगा। पहले कैम्प मैं 39 बच्चो को 3 माह का कठिन प्रशिक्षण दिया गया। कुछ  समय बाद जब परीक्षा परिणाम आया तो इनमे से 35 युवाओं का सेलेक्शन हो चुका था।

पूरे उत्तराखण्ड में प्रशिक्षण केंद्र

कर्नल अजय कोठियाल  को लगा कि गंगोत्री के अलावा बाकी जगह भी यूथ फाउंडेशन के कैंपो को बढ़ना होगा।  आज प्रदेश में नौ प्रशिक्षण शिविर यूथ फाउंडेशन के पूरे उत्तराखंड में 09 शिविर है, जिनमे एक नैनीताल जिले के रामनगर, दो देहरादून, एक उत्तरकाशी, एक कर्णप्रयाग, एक श्रीनगर, एक अगस्त्यमुनि, एक कोटद्वार, एक शिविर टिहरी में है । तेजेश्वर बताते है कि  अब तक इन शिविरों से एक लाख से से अधिक युवा सेना, पुलिस अर्धसैनिकल बलों मैं भर्ती हो चुके है। 2013 मैं आई विकराल आपदा के समय भी यूथ फाउंडेशन मैं प्रशिक्षण ले रहे युवाओं के द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों मे लोगो की मदद की गई।

पूरे युवाओ की फौज ने मिलकर उत्तरकाशी से लेकर केदारनाथ और केदारनाथ से रामबाण तक आपदाग्रस्त क्षेत्रों मैं अपने अनुभव से हजारों लोगों की जान बचाई। यही नही जब कुमाऊ के पिथौरागढ़ मैं आपदा की घटनाएं हुई उस समय भी यूथ फाउंडेशन के युवाओं के द्वारा आपदा ग्रस्त क्ष्रेत्र मैं राहत एवं बचाव कार्य मैं अपना सहयोग दिया गया। केदारनाथ पुनर्निर्माण मैं भी यूथ फाउंडेशन के युवाओं की भूमिका अहम रही है।आज यूथ फाउंडेशन की बदौलत कई युवा आर्मी मैं भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे है।

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