भवली के कई क्षेत्रों में पांच दिनों से पानी का संकट, ग्रामीण परेशान

एक ओर लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस उठे हैं वहीं जल संस्थान के अधिकारी समस्या को दूर करने के बजाय उसे लटकाने पर तुले हैं। यह हाल भवाली के घोड़ाखाल रोड हिम्मतपुर व ल्वेशाल का है। यहां आपदा के बाद से नलों में पानी नहीं आया।

Skand ShuklaSun, 24 Oct 2021 07:00 PM (IST)
भवली के कई क्षेत्रों में पांच दिनों से पानी का संकट, ग्रामीण परेशान

संवाद सहयोगी, भवाली : एक ओर लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस उठे हैं वहीं जल संस्थान के अधिकारी समस्या को दूर करने के बजाय उसे लटकाने पर तुले हैं। यह हाल भवाली के घोड़ाखाल रोड, हिम्मतपुर व ल्वेशाल का है। यहां आपदा के बाद से नलों में पानी नहीं आया। जिसके कारण ग्रामीणों को काफी समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जल संस्थान के अधिकारियों के रवैये से ग्रामीण आक्रोशित हैं।

अतिवृष्टि से नगर के घोड़ाखाल रोड स्थित तीन मोड़, हिम्मतपुर, ल्वेशाल में पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिससे गांव मे पिछले 5 दिनों से पानी की सप्लाई बंद है। ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहताज हो गए हैं। वही ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जब जल संस्थान के जेई व अधिकारियों से समस्या हल करने को कहा जा रहा है तो वह समस्या को उच्चाधिकारियों पर टाल रहे हैं। पेयजल लाइन में पानी देना तो दूर 5 दिनों में एक टैंकर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीण गोपाल आर्य ने बताया कि गांव में आपदा के बाद से नलों में पानी नहीं आया। लाइनमैन, जेई समेत उच्च अधिकारियों को सूचना दे दी। लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। वहीं विभागीय अधकारियों से इस विषय में बात की गई तो वह उच्चधिकारियों से बात करने की बात कहने लगे। इधर गांव में रह रहे एनआरआइ राजीव खैरा ने बताया जल संस्थान के हर जिम्मेदार व्यक्ति से बात की जा चुकी है। लेकिन कोई समस्या का समाधान नहीं करता। सब समस्या को एक-दूसरे पर टालने पर लगे हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.