हल्द्वानी के करीब ढ़ाई लाख लोगों को आज भी नहीं मिलेगा पानी nainital news

हल्द्वानी, जेएनएन : हल्द्वानी के करीब ढाई लाख लोगों को आज पानी नहीं मिलेगा। काठगोदाम बैराज के गेटों की मरम्मत का काम चलने की वजह से आपूर्ति रोकी गई है। रविवार दोपहर चार बजे शीशमहल फिल्टर प्लांट को पानी दिया गया था। इसके बाद बैराज में जमा पानी को बहाने के लिए सभी गेट खोल दिये गए। आज दिन भर मरम्मत का काम चलेगा।

विभागों ने पहले ही किया है अलर्ट

गौला बैराज की रिपेयरिंग को लेकर बजट मिलने पर सिंचाई विभाग ने 17 और 18 नवंबर को काम कराने की बात कही थी। सफाई के लिए बकायदा पोकलैंड मशीन भी मंगवाई गई। वहीं, जल संस्थान ने पहले ही लोगों से अपील कर कहा था कि लोग पानी का स्टोरेज कर लें, ताकि दो दिन परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं रविवार को शीशमहल प्लांट को पानी देने के बाद नहरों में भी पानी छोड़ा गया। इधर, जल संस्थान ने ज्यादा प्रभावित इलाकों के लिए टैंकर की व्यवस्था भी की है।

मछली के लिए जान दाव पर

बैराज का पानी छोड़ने से पहले काठगोदाम में लोगों का जमावड़ा लग गया था। जैसे लोगों ने देखा कि पानी के साथ मछलिया भी बहकर आ रही है। उन्होंने जान की परवाह किये बगैर नदी की तरफ दौड़ लगा दी। नजारा देख सिचाई विभाग के कर्मचारी भी हैरान हो गए। बहने का हवाला देकर कई बार लोगों को ऊपर आने को कहा गया। लेकिन सभी मछली पकड़ने में मशगूल दिखे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुँच गयी थी।

एडीबी की राइजिंग मेन लाइन फिर फटी

नैनीताल में एडीबी का पेयजल प्रोजेक्ट फिर से शहर के पेयजल उपभोक्ताओं के लिए संकट लेकर आ गया है। अप्रैल माह में बमुश्किल जोड़ी गई एडीबी की राइजिंग मेन लाइन फिर फट गई है, जिससे करीब पाच सौ से अधिक कनेक्शन धारकों के लिए पानी का संकट पैदा हो गया है। सोमवार दोपहर से पहले इन इलाकों में पानी की सप्लाई होना मुश्किल है। अप्रैल माह में बिड़ला क्षेत्र वाली राइजिंग मेन लाइन फटी तो शहर के करीब दो हजार कनेक्शनों में पेयजल सप्लाई ठप हो गई। तब जल संस्थान के अधिकारियों व कर्मचारियों की मशक्कत के कई दिन बाद शहर की आबादी के बड़े हिस्से को पानी नसीब हो सका। मामला तब हाई कोर्ट तक जनहित याचिका के रूप में पहुंचा तो जल संस्थान को याचिकाकर्ता अधिवक्ता तक को वस्तुस्थिति दिखानी पड़ी। इधर रविवार सुबह तथा शाम को मल्लीताल रिक्शा स्टैंड व सीआरएसटी के समीप लाइन फिर फ़टी तो हजारों लीटर पानी सड़क पर बहता रहा। सूचना पर जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट के नेतृत्व में कर्मचारियों व मजदूरों ने लाइन जोड़ने का काम शुरू किया। रात दस बजे तक लाइन में मरम्मत का काम जारी था।

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