पत्नी को भड़काने और नशेड़ी कहकर बदनाम करने के कारण दोस्तों ने बेरहमी से की थी विशाल की हत्या

ऊधमसिंहनगर जिले के काशीपुर में सिर और हाथ कटा शव मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। युवक की हत्या उसके ही दो दाेस्तों ने मिलकर की थी। हत्या करने के बाद दोनों ने शव को दलदल में दबा दिया था।

Skand ShuklaThu, 25 Nov 2021 02:42 PM (IST)
पत्नी को भड़काने और नशेड़ी कहकर बदनाम करने के कारण दोस्तों ने बेरहमी से की थी विशाल की हत्या

काशीपुर, जागरण संवाददाता : ऊधमसिंहनगर जिले के काशीपुर में सिर और हाथ कटा शव मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। युवक की हत्या उसके ही दो दाेस्तों ने मिलकर की थी। हत्या करने के बाद दोनों ने शव को दलदल में दबा दिया था। पुलिस ने उसके दोस्तों की निशानदेही पर बुधवार को ही यूपी के थाना टांडा चौकी दड़ियाल स्थित रजपुरा डैम से सिर व हाथ कटा शव बरामद कर लिया था। हाथ और सिर फिलहाल नहीं मिला है। हत्यारोपिताें ने बताया कि शव के पास ही उन्होंने हाथ, सिर और कपड़ाें को बोरे में भरकर पास में ही फेंक दिया था। हत्या में प्रयुक्त आलाकतल और मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है।

एसपी काशीपुर ने गुरुवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि धीमरखेड़ा जोशी का मंझरा निवासी विशाल (21) पुत्र राजकुमार काशीपुर नगर निगम में संविदा सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत था। 18 नवंबर की सुबह वह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। लेकिन उसके बाद उसका पता नहीं चला। जिसके बाद उसके पिता की तहरीर पर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। सीसीटीवी खंगाले गए तो पता चला कि वह अपने दोस्तों ग्राम तेलीपुरा (रामपुर) निवासी संदीप और धीमरखेड़ा निवासी सचिन उर्फ नन्नू के साथ निकला था।

हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने विशाल की हत्या करने का जुर्म कुबूल लिया। उन्होंने बताया कि विशाल की हत्या के बाद उसका शव यूपी के थाना टांडा चौकी दड़ियाल स्थित रजपुरा डैम में दबा दिया था। हत्या करते समय उन्होंने विशाल का दायां हाथ और सिर भी धड़ से बलग कर दिया था। हत्यारों ने धड़ डैम के पास रेत में दबा दिया था, सिर, हाथ और कपड़े बोरे में रखकर वहीं पास में फेंक दिए। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने सिर कटा शव बरामद कर लिया। जिसके बाद दोनों युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

बीवी को भड़काना और नशा बना हत्या कारण

पुलिस पूछताछ में संदीप ने बताया कि हम नशे के आदी थे। लेकिन विशाल बाद मुझे नशेड़ी कहकर चिढाने और बदनाम करने लगे। वह मेरी पत्नी से भी मेरी बुराई कर उसे भड़काता था। उसने मेरी पत्नी से कहा था कि इससे बेहतर तो तुम्हारा पहला पति था। इन सब बातों को लेकर मेरे मन में ये बात घर कर गई थी मेरी पत्नी मुझे छोड़ सकती है। लिहाजा मैंने मेरे दोस्त सचिन ऊर्फ के साथ मिलकर उसकी हत्या करने की साजिश रची। जिसके बाद 18 नवंबर को मैंने और सचिन ने उसे धीमरखेड़ा बुलाया और अपनी बाइक पर बिठाकर राजपुरा डैम ले गए। जहां पाटल से उसकी हत्या कर दी और शव को दलदल में दबा दिया।

विशाल पर ही निर्भर था पूरा परिवार  

विशाल भी नशे का आदी था। पूर्व में उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा जा गया था। वहां से आने के बाद वह दोनों हत्यारोपियों के साथ मिलकर फिर से नशा करने लगा। आरोप है कि परिजनों की नाराजगी पर विशाल नशा कराने के लिए आरोपियों को जिम्मेदार बताता था। इस पर विशाल के परिजन आरोपियों से झगड़ते थे। बता दें कि विशाल अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। परिवार में माता सुशीला, पिता राजकुमार के अलावा दो बहनें महक व गुंजन और एक दिव्यांग भाई शिवकुमार (18) है। भाई-बहनों को विशाल से ही आस थी। उसकी हत्या से परिवार सदमे में है। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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