नगर निगम क्षेत्र में आने वाली सरकारी संपत्ति की खरीद-बिक्री रोकने को दिखाई सजगता

नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने सब रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कहा है कि निगम के नव सम्मिलित क्षेत्रों में स्थापित पार्कों का कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से क्रय-विक्रय करने के प्रयास की जानकारी मिली है। यह विधि संगत नहीं है।

Skand ShuklaFri, 17 Sep 2021 08:14 AM (IST)
नगर निगम क्षेत्र में आने वाली सरकारी संपत्ति की खरीद-बिक्री रोकने को दिखाई सजगता

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : नगर निगम क्षेत्र में आने वाली सरकारी संपत्ति, जमीन, पार्क आदि की अवैध खरीद-बिक्री न हो इसके लिए निगम प्रशासन ने कदम उठाया है। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने सब रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कहा है कि निगम के नव सम्मिलित क्षेत्रों में स्थापित पार्कों का कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से क्रय-विक्रय करने के प्रयास की जानकारी मिली है। यह विधि संगत नहीं है। कुछ निजी कॉलोनियों में भी पार्क विकसित किए हैं। ऐसी संपत्ति की रजिस्ट्री-दाखिल खारिज नहीं की जा सकती। ऐसे मामले आने पर निगम को अवगत कराने को कहा गया है। एसडीएम व तहसीलदार को भी पत्र की कापी दी गई है। नगर आयुक्त ने सहायक अभियंता नवल नौटियाल से निगम क्षेत्र में आने वाले पार्कों की सूची मांगी है।

राज्य आंदोलनकारियों का भवन कर माफ हो

राज्य आंदोलनकारी परिवारों का भवन कर माफ करने की मांग उठने लगी है। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से शहरी विकास सचिव को ज्ञापन भेजकर आंदोलनकारी परिवारों से भवन कर नहीं लेने की मांग की है। ज्ञापन में हेमंत बगड़वाल, राजेंद्र सिंह बिष्ट, भुवन जोशी, भगवती बिष्ट, ज्योत्सना पांडे, कृष्णा बिष्ट, राजेंद्र सुयाल, प्रकाश जोशी आदि के हस्ताक्षर हैं।

सामुदायिक भवन में नहीं मिला किसी का कब्जा

इंदिरानगर में 21 वर्ष पहले बने सामुदायिक भवन पर कब्जा होने की शिकायत के मामले में जांच अधिकारी नियुक्त सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान गुरुवार को मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। भवन का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से बातचीत की। एसएनए चौहान ने बताया कि भवन पर किसी का कब्जा नहीं मिला। भवन में शौचालय नहीं है। स्थानीय पार्षद व शिकायतकर्ताओं के बयान लेने के बाद जांच आख्या नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी। भीम आर्मी ने नगरपालिका की ओर से 21 वर्ष पहले बने भवन का लोकार्पण न करने व भवन पर किसी अन्य का कब्जा होने की शिकायत की थी। शिकायत में सूचना अधिकार अधिनियम से प्राप्त दस्तावेज भी लगाए गए थे।

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