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Coronavirus : एसटीएच में दो गंभीर मरीज पहली बार प्लाज्मा थेरेपी से स्वस्थ

Coronavirus : एसटीएच में दो गंभीर मरीज पहली बार प्लाज्मा थेरेपी से स्वस्थ
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 07:44 AM (IST) Author: Skand Shukla

हल्द्वानी, जेएनएन : कोरोना पॉजिटिव गंभीर दो मरीज प्लाज्मा थेरेपी मिलने के बाद स्वस्थ हो गए हैं। एसटीएच में भर्ती शहर के ऐसे दो मरीजों को मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया है। प्रदेश में पहली बार प्रयोग हुई प्लाज्मा थेरेपी के सफल परिणाम को लेकर अस्पताल प्रबंधन भी उत्साहित है।

रामनगर में दोरागा और एक चालक की कोरोना संक्रमित होने पर तबीयत अधिक खराब हो गई थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीपी भैंसोड़ा ने बताया कि अन्य रोगियों की तरह इन्हें भी उपचार दिया गया। इनकी हालत अधिक खराब थी। इसके बाद इन रोगियों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई। इसके लिए डोनर का इंतजाम किया गया। सभी जगह से अनुमति भी ले ली गई थी। इसके बाद इन दोनों मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी की गई। 25 दिन भर्ती रहने के बाद दोनों गंभीर मरीज स्वस्थ हो गए हैं।

प्रो. भैंसोड़ा ने बताया कि यह प्रयोग सफल होना अस्पताल के लिए भी खुशी की बात है। डॉक्टर व स्टाफ की कड़ी मेहनत रंग लाई। डिस्चार्ज के समय चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी, कोविड-19 नोडल प्रभारी डॉ. परमजीत सिंह, डॉ. मकरंद सिंह, डॉ. विवेकानंद सत्यवली आदि मौजूद रहे।

ये है प्लाज्मा थेरेपी

प्लाज्मा थेरेपी में कोरोना से ठीक हो चुके एक व्यक्ति के शरीर से निकाले गए खून से कोरोना पीडि़त चार अन्य लोगों का इलाज किया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज किसी संक्रमण से उबर कर ठीक हो जाते हैं उनके शरीर में वायरस के संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं। इसके बाद उस वायरस से पीडि़त नए मरीजों के खून में पुराने ठीक हो चुके मरीज का खून डालकर इन एंटीबॉडीज के जरिये नए मरीज के शरीर में मौजूद वायरस को खत्म किया जा सकता है।

 

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