पिथौरागढ़ के जाख पंत में मूसलधार बारिश, मलबे से पटे घर व खेत

आठ गांवों की आपूर्ति करने वाली पेयजल लाइन सहित चार पेयजल लाइन बह चुकी हैं।

सोमवार की सायं जिला मुख्यालय से मात्र 15 किमी दूर स्थित जाखपंत क्षेत्र में मौसम का रौद्र रू प देखने को मिला। एक से डेढ़ घंटे तक हुई भारी बारिश का वेग तीव्र था कि लोगों के घरों के आंगन पानी से भर गए और मकानों में पानी घुस गया।

Prashant MishraTue, 11 May 2021 10:46 AM (IST)

जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़ : सोमवार की सायं जिला मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर स्थित विकास खंड मूनाकोट के जाखपंत क्षेत्र में मूसलधार बारिश हुई । इस दौरान ओलावृष्टि भी हुई । भारी बारिश से लोगों के घरों में पानी घुस गया। खेत मलबे से पट गए। लगभग डेढ़ घंटे तक हुई बारिश से गांव के खेत, खलिहान और पैदल मार्ग तक बह चुके हैें। जाख पंत सड़क का पांच सौ मीटर हिस्सा बह चुका है। आठ गांवों की आपूर्ति करने वाली पेयजल लाइन सहित चार पेयजल लाइन बह चुकी हैं। एक दर्जन से अधिक मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं।

एक दिन पूर्व रविवार को पिथौरागढ़ नगर सहित आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई ।  सोमवार की सायं जिला मुख्यालय से मात्र 15 किमी दूर स्थित जाखपंत क्षेत्र में मौसम का रौद्र रू प देखने को मिला। ग्रामीणो अनुसार लगभग एक से डेढ़ घंटे तक हुई भारी बारिश का वेग इतना तीव्र था कि लोगों के घरों के आंगन पानी से भर गए  और मकानों में पानी घुस गया। घरों में पानी घुसने से काफी सामान बर्बाद हो गया। बारिश के वेग को देखते हुए लोग घरों के अंदर दुबके रहे।

भारी बारिश से जाखपंत सड़क पर बाननी से ढाण तक लगभग पांच सौ मीटर से अधिक सड़क बह गई है। आठ गांवों की आपूर्ति करने वाली पेयजल लाइन सहित तीन अन्य पेयजल लाइन बह गई हैं। गांव के आसपास के सारे नाले ऊफान पर आ गए। नालों और बारिश के पानी से सारा मलबा खेतों पट चुका है। तीस  नाली से अधिक खेत बह चुके हैं। गांव के बुजुर्गो का कहना है कि साठ साल में इतनी भंयकर बारिश आज तक नहीं देखी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बादल फटा। गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि और पशुहानि नहीं हुई। कुछ मकानों में दरारें आई हैं। अधिकांश मकानों के आंगन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जाख पंत गांव में कई घरों में मलबा घुसने से घरों पर रखा सामान नष्ट हो चुका है।

गांव निवासी एवं अध्यक्ष जिला भेषज संघ पीतांबर पंत ने बताया कि यदि बारिश कुछ देर और रहती तो व्यापक क्षति की संभावना थी। उन्होंने बताया कि अपने जीवन काल में इतनी भंयकर बारिश उन्होंने क्षे9 में कभी नहीं देखी। श्री पंत ने प्रशासन को इसकी सूचना देते हुए राजस्व टीम भेज कर क्षति का आंकलन करने की मांग की है। खेतों में उगी साग सब्जी सब नष्ट हो चुकी है। देर सायं तक भी मौसम खराब बना है। ग्रामीण भय के मारे घरों के अंदर जाने से डर रहे हैं।

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