International Yoga Day 2021 : योगानंद के क्रिया योग से आज देश दुनिया होगी रूबरू, विशेषज्ञ बताएंगे वैदिककालीन योग पद्धति के गूढ़ रहस्य

International Yoga Day 2021 परमहंस योगानंद की जन्मस्थली गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) में स्मारक बनाने संबंधी सीएम योगी आदित्यनाथ की घोषणा से गदगद अनुयायी महासंकट के कारण सोमवार को ऑनलाइन प्रणाली से अलग अलग भाषाओं में योग क्रिया की बारीकियां गिनाएंगे। प्रयोगात्मक रूप से उसका महत्व भी बताएंगे।

Prashant MishraMon, 21 Jun 2021 06:30 AM (IST)
योग दिवस परमहंस योगानंद के 'क्रिया योग' को देश विदेश तक पहुंचाने के मकसद से खास आयोजन किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, द्वाराहाट (अल्मोड़ा) : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर परमहंस योगानंद की 'योग क्रिया' से देश दुनिया रू ब रू होगी। योग की वैदिककालीन इस पद्धति को आधुनिक भारत में पुनर्जीवित करने वाले योगानंद के विश्वभर में स्थापित आश्रम व ध्यान केंद्र एक क्लिक के दायरे में आएंगे। परमहंस योगानंद की जन्मस्थली गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) में स्मारक बनाने संबंधी सीएम योगी आदित्यनाथ की घोषणा से गदगद अनुयायी महासंकट के कारण सोमवार को ऑनलाइन प्रणाली से अलग अलग भाषाओं में 'योग क्रिया' की बारीकियां गिनाएंगे। प्रयोगात्मक रूप से उसका महत्व भी बताएंगे।

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया के द्वाराहाट शाखा आश्रम संचालक स्वामी ललितानंद गिरि ने बताया कि योग से संबंधित क्रियाकलाप आश्रम की दिनचर्या में है। योग दिवस परमहंस योगानंद के 'क्रिया योग' को देश विदेश तक पहुंचाने के मकसद से खास आयोजन किया जाएगा। विशेषज्ञ विविध भाषाओं में विभिन्न क्रियाओं के गृढ़ रहस्यों से अवगत कराएंगे। साथ ही ध्यान एवं अन्य योगों की महत्ता बताई जाएगी। स्वामी ललितानंद के मुताबिक अधिकांश लोग इन मुद्राओं को संन्यास मार्ग की धारणा से जोड़ते हैं। इस सोच में परिवर्तन लाने के लिए 'क्रिया योग' की बारीकियों को सामने लाया जाएगा। 

योगीकथामृत में है विस्तार से वर्णन 

5 जनवरी 1893 को गोरखपुर (उप्र) में जन्मे परमहंस योगानंद की चर्चित कृति योगीकथामृत में क्रियायोग की विधि का विस्तारपूर्वक विवरण है। गुरु युक्तेश्वर गिरि, श्यामाचरण लाहिड़ी व महावतार बाबा के माध्यम से मिले राजयोग व ध्यानयोग की शिक्षा को योगानंद ने वैश्विक पहचान दिलाई। गीता और बाइबिल को विशेष रूप से खुद में आत्मसात किए इस महात्मा के रांची, नौयडा, द्वाराहाट व दक्षिणेश्वर में आश्रम के अतिरिक्त देश विदेश अनेकों ध्यानकेंद्र हैं। इन्ही के माध्यम से योगदा सत्संग सोसायटी योग दिवस के मौके पर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम करवा रही है। स्वामी परमहंस योगानंद के गुरु महावतार बाबा की पाडंवखोली की गुफा में सुपर स्टार रजनीकांत हर साल ध्यान लगाने आते हैं। अभी हाल ही में साध्वी उमा भारती भी आई थीं। द्वाराहाट से यह मात्र 25 किमी दूर है।

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