फसलों को बंदरों से बचाने के लिए बागेश्वर के 40 क्षेत्र पंचायतों को मिलेगी विशेष बंदूक

विवेकानंद कृषि अनुसंधान केंद्र ताकुला के कृषि वैज्ञानिकों किसानों की आय को दोगुना करने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। हैदराबाद से आए कृषि वैज्ञानिक डा. कमल कुमार ने बताया कि जंगल जानवर और बंदरों को भगाने के लिए एक बंदूक का निर्माण किया गया है।

Prashant MishraTue, 07 Sep 2021 11:54 PM (IST)
यदि यह बंदूक कामगार हुई तो किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू ने कहा कि हैदराबाद के कृषि वैज्ञानिकों ने जंगली जानवर और बंदरों को भगाने के लिए बंदूक बनाई है। जिसे 40 क्षेत्र पंचायतों को देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की खेती को सबसे अधिक नुकसान बंद पहुंचा रहे हैं। यदि यह बंदूक कामगार हुई तो किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।

मंगलवार को विकास खंड कपकोट सभागार में आयोजित कृषि विभाग की आत्मा योजना के तहत खरीफ गोष्ठी का आयोजन किया गया। ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और कहा कि वैज्ञानिकों ने बंदर भगाने के लिए बंदूक तैयार की है। जिसे  क्षेत्र के 40 पंचायतों को वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिए आधुनिक खेती पर जोर दिया जा रहा है। जैविक खेती के लिए नई तकनीक भी है। उद्यान, कृषि, पशुपालन आदि के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विवेकानंद कृषि अनुसंधान केंद्र ताकुला के कृषि वैज्ञानिकों किसानों की आय को दोगुना करने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। हैदराबाद से आए कृषि वैज्ञानिक डा. कमल कुमार ने बताया कि जंगल जानवर और बंदरों को भगाने के लिए एक बंदूक का निर्माण किया गया है। जिसकी कीमती जीएसटी आदि के साथ 3780 रुपये है। इस दौरान आत्मा के अध्यक्ष दरवान सिंह कपकोटी, प्रभारी कृषि अधिकारी जीएस कोरंगा, आरए गढ़िया, हिमांशु पाठक, हरीश मेहरा, कविंद्र गढ़िया, तनुज तिरुवा, भूपेश गढ़िया आदि मौजूद थे।

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