पदमपुर देवलिया ग्रामीणों को हाथियों के आतंक से बचाने के लिए बनेगी तीन किमी फेंसिंग

हाथियों के आतंक से परेशान बरेली रोड स्थित पदमपुर देवलिया ग्राम पंचायत के लोगों से मिलने को डीएफओ चंद्रशेखर जोशी बुधवार को पूरी टीम संग पहुंचे। पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल व ग्राम प्रधान रमेश जोशी ने फसल नुकसान समेत अन्य समस्याओं से डीएफओ को अवगत कराया

Skand ShuklaThu, 02 Dec 2021 10:49 AM (IST)
पदमपुर देवलिया ग्रामीणों को हाथियों के आतंक से बचाने के लिए बनेगी तीन किमी फेंसिंग

जागरण टीम, हल्द्वानी/लालकुआं : हाथियों के आतंक से परेशान बरेली रोड स्थित पदमपुर देवलिया ग्राम पंचायत के लोगों से मिलने को डीएफओ चंद्रशेखर जोशी बुधवार को पूरी टीम संग पहुंचे। पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल व ग्राम प्रधान रमेश जोशी ने फसल नुकसान समेत अन्य समस्याओं से डीएफओ को अवगत कराया, जिसके बाद वन विभाग ने आश्वासन दिया कि जंगल से आबादी में हाथियों की एंट्री रोकने के लिए तीन किमी लंबी सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी। साथ ही दो लोगों को रात्रि प्रहरी भी बनाया जाएगा।

पदमपुरी देवलिया ग्राम पंचायत में छह महीने से हाथियों ने आतंक मचा रखा है। हाथियों ने फसल को चौपट करने के साथ घरों को भी निशाना बनाया। परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को साढ़े तीन घंटे तक वन संरक्षक कार्यालय में धरना भी दिया, जिसके बाद बुधवार को डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने रेंज टीम संग पूरे इलाका निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। इसके बाद ग्राम प्रधान के आवास पर बैठक कर सुरक्षा उपायों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान रेंजर उमेश चंद्र आर्य, जिपं सदस्य मोहन बिष्ट, ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी, बीडीसी मेंबर गरिमा पांडे, रंजीत सिरोही, नंदन भट्ट, आनंद बल्लभ भट्ट, नवीन दुर्गापाल, कमला दुर्गापाल, संदीप पांडे आदि मौजूद थे।

छह महीनों से हाथियों के आतंक के साथ वन विभाग के कोरे आश्वासनों से परेशान बरेली रोड स्थित पदमपुर देवलिया के ग्रामीणों ने बीते मंगलवार को महिलाओं संग वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त के कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने साढ़े तीन घंटे तक परिसर में धरना दिया था। ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी का कहना है कि बताया कि राजस्व गांव पदमपुर देवलिया और सूखी भगवानपुर में छह महीने से हाथियों ने आतंक मचा रखा है। धान, गन्ना, सरसों और टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ हाथी आक्रामक भी नजर आ रहे हैं। डर के मारे लोग शाम सात बजे बाद घरों से बाहर नहीं निकल रहे। गांव तराई केंद्रीय डिवीजन की हल्द्वानी रेंज में आता है। हर सूचना पर रेंजर टीम लेकर मौके पर पहुंचते हैं, लेकिन हूटर बजाने के अलावा और कोई संसाधन नहीं होता।

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