कोसी नदी में घटनाओं पर लगेगी रोक, प्रशासन ने शुरू की कवायद

सिंचाई विभाग को गहराई वाले तथा भंवर वाले स्थानों को चिन्हित कर बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दे दिए हैं।

कोसी नदी पर कई लोग नहाने के दौरान मारे जा चुके हैं। गहराई का सही अंदाजा ना होने के चलते लोग डूबते चले जाते हैं। बाहर से आने वालों को भंवर का भी अंदाजा नहीं होता। इसके लिए प्रशासन ने बोर्ड व अन्‍य उपाय शुरू कर दिए हैं।

Prashant MishraSat, 27 Feb 2021 01:16 PM (IST)

संवाद सहयोगी, गरमपानी : कोसी नदी में गहराई वाले स्थानों पर लोग जान न गंवाए इसके लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जगह-जगह चेतावनी बोर्ड के साथ ही लोगों को गहराई वाले स्थानों पर जाने से रोका जा सके इसके लिए बकायदा रानीखेत प्रशासन से भी मदद लेने की तैयारी कर ली गई है।

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे के समीप बहने वाली कोसी नदी पर कई लोग नहाने के दौरान मारे जा चुके हैं। गहराई का सही अंदाजा ना होने के चलते लोग डूबते चले जाते हैं। बाहर से आने वालों को भंवर का भी अंदाजा नहीं होता। भंवर में समाने के बाद व्यक्ति वापस नहीं लौट पाता और मृत अवस्था में ही शव निकाला जाता है। गर्मी का मौसम आने के साथ ही लोग कोसी नदी को नहाने को रुख करते हैं और घटनाओं में भी इजाफा हो जाता है। इसी के मद्देनजर अब प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। नवनियुक्त एसडीएम विनोद कुमार ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को गहराई वाले तथा भंवर वाले स्थानों को चिन्हित कर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दे दिए हैं। बकायदा पुलिस टीम भी लगातार नदी क्षेत्रों की निगरानी करेगी।

राजस्व उपनिरीक्षकों को भी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी  जाऐगी। कोसी नदी नैनीताल जनपद की सीमा को पार करने के बाद अल्मोड़ा जनपद की सीमा में प्रवेश कर जाती है ऐसे में घटनाएं रोकने को रानीखेत जिला प्रशासन से भी संपर्क साधा जाएगा। प्रशासन गहराई तथा भंवर वाले स्थानों पर नहाना प्रतिबंधित करने की योजना भी बना रहा है। एसडीएम विनोद कुमार के अनुसार कोसी नदी में घटनाए रोकने के लिए गंभीरता से कार्य किया जाएगा। चेतावनी बोर्ड के साथ ही पुलिस व राजस्व उपनिरीक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर रानीखेत प्रशासन से भी संपर्क साधा जाएगा।

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