हल्द्वानी में जलसंस्थान ने खोजे 14 नए लीकेज, अब जल्द होगी मरम्मत

जलसंकट गहराने पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

बरेली रोड व नैनीताल रोड पर मुख्य पेयजल लाइनों में 14 लीकेज चिह्नित किए गए हैं। इनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। मुख्यालय से बजट मिलते ही लोनिवि से सड़क काटने की अनुमति लेकर लीकेज मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा।

Prashant MishraSun, 28 Feb 2021 08:12 AM (IST)

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : गर्मी शुरू होने से पहले लीकेज ढूंढकर मरम्मत कराने का काम तेजी पकड़ रहा है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि बरेली रोड व नैनीताल रोड पर मुख्य पेयजल लाइनों में 14 लीकेज चिह्नित किए गए हैं। इनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। मुख्यालय से बजट मिलते ही लोनिवि से सड़क काटने की अनुमति लेकर लीकेज मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा। वहीं कालाढूंगी रोड पर बाइचांस माल व जेल रोड के पास मुख्य पेयजल लाइन में लीकेज की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है।

गर्मी से पहले डिवीजन करें टैंकरों की व्यवस्था

गर्मी की दस्तक समय से पहले आते ही जलसंस्थान की जलापूर्ति सुचारू रखने व जलसंकट गहराने पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार ने नैनीताल व ऊधम सिंह नगर जिले के सभी डिवीजनों के अधिशासी अभियंताओं को लिखित आदेश देकर गर्मियों से पहले बजट व संसाधनों की व्यवस्था पूरी करने के लिए कहा है।

अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वह गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले किराये के टैंकरों की व्यवस्था का चिह्निकरण कर लें। किराये टैंकरों के टेंडर मार्च में ही करें और जिलाधिकारी से दरों का अनुमोदन लें। इसके साथ ही विभागीय टैंकरों की मरम्मत करा लें। लीकेज व मरम्मत के काम पूरा कर पानी की बर्बादी रोकी जाए। गर्मियों में बिजली जाने से नलकूपों का संचालन बंद होने की संभावना भी रहती है। नलकूपों के संचालन के लिए जनरेटर की व्यवस्था करें।

हर डिवीजन पेयजल शिकायत सुनने के बनाएगा कंट्रोल रूम

अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार ने बताया कि सभी डिवीजनों को पेयजल की शिकायतें सुनने के लिए कंट्रोल रूम बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। कंट्रोल रूम के नंबरों का इंटरनेट मीडिया व समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके साथ ही शिकायत आने पर उसका तुरंत निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही पेयजल संकटग्रस्त इलाकों को चिह्नित कर कार्ययोजना बनायी जाए।

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