आरटीपीसीआर जांच को कतरा रहे गांव के लोग, बिना टेस्ट के आगे जाने की नहीं है इजाजत

लोग आरटीपीसीआर टेस्ट को जरूरी नहीं समझ रहे।

बॉर्डर पर भुजान क्षेत्र में एक महीने से स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें लगातार आरटीपीसीआर टेस्ट कर मुस्तैदी से जांच में जुटी हुई है। बिना आरटीपीसीआर टेस्ट के किसी को भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही गांवों के लोग जांच कराने में कतराने लगे हैं।

Prashant MishraSat, 08 May 2021 03:54 PM (IST)

संवाद सहयोगी, गरमपानी : गांवो में बढ़ते संक्रमण को रोकने को बॉर्डर पर स्वास्थ्य विभाग की टीमे मुस्तैद की गई है। बावजूद आसपास के गांवों के लोग आरटीपीसीआर टेस्ट कराने को तैयार नहीं है, जिस कारण गांवो में फैल रहे संक्रमण पर अंकुश नहीं लग रहा। हालांकि बॉर्डर पर तैनात टीम लोगों से लगातार जांच कराने का आह्वान कर रही है।

दोनों जनपदों के बॉर्डर पर भुजान क्षेत्र में एक महीने से स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें लगातार आरटीपीसीआर टेस्ट कर मुस्तैदी से जांच में जुटी हुई है। बिना आरटीपीसीआर टेस्ट के किसी को भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही पर विभागीय अधिकारियों की मानें तो बॉर्डर के आसपास के गांवों के लोग जांच कराने में कतराने लगे हैं।  जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है। कई बार लोगों से लगातार जांच कराने का आह्वान किया जा चुका है बावजूद लोग आरटीपीसीआर टेस्ट को जरूरी नहीं समझ रहे।

विभागीय अधिकारियों ने अब लोगों से एक बार फिर जांच कराने का आह्वान किया है। शनिवार को पहाड़ जा रहे करीब डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों के टेस्ट कर स्वैब के नमूने जुटाए गए। इस दौरान डा. अदिति कटियार, योगेश गोस्वामी, चेतन जोशी, गोदावरी देवी, मंजू नेगी, प्रवीन कुमार, प्रकाश गिरी, भुवन चंद्र आदि मौजूद रहे।

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