जिला पंचायत सदस्यों के आंदोलन को मिला व्यापार मंडल का समर्थन, चौथे दिन जारी रहा सदस्यों का धरना

जिपं सदस्यों ने कहा कि अध्यक्ष की मनमानी के कारण गांवों के विकास कार्य अधूरे हैं। बजट आवंटन में भी गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिपंअ का विवेकाधीन 55 प्रतिशत तक चला गया है। जबकि शेष 45 प्रतिशत विकास कार्यों की धनराशि में भी उनका हिस्सा है।

Prashant MishraFri, 18 Jun 2021 05:25 PM (IST)
शुक्रवार को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बबलू नेगी के साथ अन्य व्यापारियों ने आंदोलन का समर्थन दिया।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : जिला पंचायत सदस्यों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष पर मनमानी का आरोप लगाया गया। कहा कि जब तक उनकी एक सूत्रीय मांग पूरी नहीं होगी वह आंदोलन जारी रखेंगे। शुक्रवार को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बबलू नेगी के साथ अन्य व्यापारियों ने आंदोलन का समर्थन दिया।

जिला पंचायत परिसर पर धरने पर बैठे जिपं सदस्यों ने कहा कि अध्यक्ष की मनमानी के कारण गांवों के विकास कार्य अधूरे हैं। बजट आवंटन में भी गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिपंअ का विवेकाधीन 55 प्रतिशत तक चला गया है। जबकि शेष 45 प्रतिशत विकास कार्यों की धनराशि में भी उनका एक हिस्सा है। उन्होंने जोरदार नारेबाजी के साथ धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि आंदोलन को चार दिन हो गए हैं। जिला पंचायत के एएमए और अध्यक्ष अभी तक कार्यालय नहीं आए हैं। नाराज सदस्यों से बात तक नहीं की जा रही है। उनके इस रवैये के चलते जिले का विकास ठप हो गया है। अपने क्षेत्र से चुनकर आए प्रतिनिधियों बात नहीं सुनी जा रही है। इस दौरान पूर्व जिपंअ व वर्तमान सदस्य हरीश ऐठानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार, सदस्य सुरेंद्र सिंह खेतवाल, गोपा धपोला, रूपा कोरंगा, इंद्रा परिहार, रेखा आर्य, वंदना ऐठानी, पूजा आर्य आदि मौजूद थे।

बागेश्वर में आम आदमी पार्टी ने किया प्रदर्शन

प्रदेश सरकार के सौ दिन पूरे होने पर आम आदमी पार्टी ने काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कोरोना नियंत्रण में अव्यवस्थाओं के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया। सरकार के सौ दिनों को पूरी तरह से दिशाहीन और विकासहीन करार दिया। संगठन मंत्री सुंदर धोनी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम रोजाना बढ़ रहे हैं। सब्जी, तेल, दाल, चावल, फलों के दाम आसमान छूं रहे हैं। सरकार के कार्यकाल में ही बेरोजगारी दर बढ़ रही है। कोरोना के चलते लोग बेरोजगारी और भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। कोविड कर्फ्यू के कारण छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिंक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना को हराने के लिए टीकाकरण अनिवार्य बताया जा रहा है, लेकिन युवाओं को अब तक पहली डोज भी नहीं लग सकी है। प्रदेश में सत्ता बदलने के बावजूद विकास पूरी तरह से ठप हो गया है। इस मौके पर भीम कुमार, अधिवक्ता दीप चंद्र, पूरन मेहता, राजेंद्र प्रसाद, ऊषा, माया, राजेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।

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