आपदा से जुड़े महकमों की कार्यप्रणाली सुस्त, कंट्रोल रूम में सूचना देने के बाद भी बरती जा रही लापरवाही

कंट्रोल रूम में दर्ज आपदा की शिकायत पर घंटों तक कार्रवाई नहीं हो रही है तो प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी फोन उठाने में भी कतरा रहे हैं। पिछले चार दिनों में हीला हवाली के कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिससे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

Prashant MishraSun, 20 Jun 2021 05:39 PM (IST)
सूचना के पांच घंटे तक भी पेड़ को नहीं हटाया गया। फलस्वरूप दुग्ध संघ वाहन समेत दर्जनों वाहन फंसे रहे।

जागरण संवाददाता, चम्पावत : मानसून को लेकर दो माह से आपदा से निपटने की तैयारी कर रहे आपदा प्रबंधन तंत्र की कार्यप्रणाली मानसून आते-आते सुस्त पड़ गई है। कंट्रोल रूम में दर्ज आपदा की शिकायत पर घंटों तक कार्रवाई नहीं हो रही है तो प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी फोन उठाने में भी कतरा रहे हैं। पिछले चार दिनों में हीला हवाली के कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिससे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

मानसून से पूर्व जिलाधिकारी विनीत तोमर ने कई बार आपदा प्रबंधन तंत्र से जुड़े अधिकारियों की बैठक में मशीनरी को दुरूस्त रखने और संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए थे। लेकिन मानसून शुरू होते ही सारी कसरत फेल होती दिख रही है। लोगों की शिकायत है कि कंट्रोल रूम में फोन करने के बाद भी आपदा पीडि़त लोगों को राहत नहीं पहुंचाई जा रही है। रविवार को भी जिले में मूसलधार बारिश से कई सड़क मार्ग बंद होने के साथ आवासीय मकानों को क्षतिग्रस्त होने का सिलसिला जारी रहा। पीडि़त परिवारों ने इसकी सूचना आपदा कंट्रोल रूम में दर्ज कराई लेकिन घंटों बाद भी किसी ने सुध नहीं ली।

लोहाघाट-बाराकोट मोटर मार्ग पर गलचौड़ा के पास शनिवार की शाम सात बजे देवदार का विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गया। इसकी सूचना आपदा कंट्रोल रूम को दी गई। पेड़ न हटने पर ग्रामीणों ने रविवार सुबह फिर से इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी, लेकिन सूचना के पांच घंटे तक भी पेड़ को नहीं हटाया गया। फलस्वरूप दुग्ध संघ वाहन समेत दर्जनों यात्री वाहन सड़क में फंसे रहे। बाद में ग्रामीणों ने छोटी टहनियां काटकर दुपहिया वाहनों के निकलने के लिए रास्ता बनाया। गलचौड़ा की अनुसूचित जाति बस्ती चमनपुर निवासी डिगर राम, विक्रम राम, प्रह्लाद राम आदि ने बताया कि उनके आवासीय मकानों के उपर देवदार का सूखा और जड़ से सड़ा पेड़ आधा झुक गया है।

बताया कि वन विभाग से सारी कार्रवाई करवाने के बाद पेड़ निस्तारण की फाइल पटवारी को दी गई है। लेकिन दो माह से पेड़ का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। अब पेड़ बारिश में किसी भी वक्त आवासीय मकान में गिरकर जनहानि को निमंत्रण दे सकता है। आपदा कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दे दी गई है लेकिन कोई कर्मचारी सुध लेने नहीं पहुंचा। शनिवार की सुबह लोहाघाट-देवीधुरा-हल्द्वानी मोटर मार्ग पर देवीधुरा से आगे मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई। यात्रियों ने इसकी सूचना सुबह 10 बजे ही कंट्रोल रूम को दे दी, लेकिन एक बजे तक भी सड़क खोलने का प्रयास नहीं किया गया।

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