फिल्म निर्माता ने उठाया गांव की पेयजल समस्या के समाधान का बीड़ा, जानिए कैसे गांव वालों को मिला पानी

श्यामलाताल से 12 किमी दूर बसा उनका पोथ गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है।

कमल मेहता 10 वर्ष की उम्र में ही अपने परिवार के साथ मुंबई चले गए थे। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। आज वे टेली फिल्मों के सफल निर्माता हैं। उन्होंने अपने खर्च से गांव के लिए पाइप लाइन बिछाई है।

Prashant MishraSun, 09 May 2021 04:28 PM (IST)

संवाद सहयोगी, चम्पावत : माटी से प्यार और अपनों से जुड़ाव हो तो व्यक्ति ऊंचे मुकाम पर पहुंचकर भी जन्म भूमि की सुध जरूर लेता है। वर्तमान में अधिकांश लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग गांवों से पलायन कर रहे हैं तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो गांव से शहरों में भले ही बस गए हों लेकिन गांव का मोह उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। ऐसे लोग काम की व्यस्तता के बाद भी अपने गांव और वहां के लोगों के हित के लिए कुछ न कुछ योगदान जरूर देते हैं। इसी कड़ी में श्यामलता ताल से 12 किमी दूर पोथ गांव निवासी और वर्तमान में मुंबई में रह रहे फिल्म निर्माता कमल मेहता का नाम भी जुड़ गया है।

कमल मेहता ने गांव में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थाई समाधान करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने अपने खर्च पर ढ़ाई किमी दूर से गांव के लिए पाइप लाइन बिछाई है। हालांकि विषम भौगोलिक परिस्थिति के चलते ऊंचाई पर स्थित गांव में पानी नहीं आ पाया है, लेकिन इसके लिए वे सोलर पंपिंग का सहारा लेकर पानी गांव में पहुंचाने का मन बना चुके हैं।

कमल मेहता 10 वर्ष की उम्र में ही अपने परिवार के साथ मुंबई चले गए थे। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। आज वे टेली फिल्मों के सफल निर्माता हैं। कई चर्चित फिल्मों में काम कर चुके मेहता केदार जैसी प्रसिद्ध फिल्म बनाने से पहले गदर फिल्म के डीओपी रह चुके हैं। सास भी कभी बहू थी टेली फिल्म में भी उन्होंने बतौर डायरेक्टर काम किया है। नाम और पैसा कमाने के बाद भी उनका लगाव अपने गांव से दूर नहीं हुआ। श्यामलाताल से 12 किमी दूर बसा उनका पोथ गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है। पेयजल संकट के कारण 10 से अधिक परिवार पलायन भी कर चुके हैं।

वर्तमान में यहां 15 परिवार रहते हैं लेकिन पानी की कोई योजना न होने से उन्हें दूर दराज से पानी ढोना पड़ता है। कमल मेहता ने गांव तक पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाते हुए अपने निजी खर्च से गांव से ढाई किमी दूर छीड़ा नामक स्थान पर स्थित जल स्रोत से पाइप लाइन बिछा दी है, लेकिन जल स्रोत के गांव के काफी नीचे होने से पानी पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सोलर पंप से पानी लिफ्ट करने के लिए जल संस्थान को पत्र भेजा है।

मेहता ने बताया कि जब भी वे मुंबई से गांव आते हैं पेयजल समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान समेत प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन जरूर सौंपते हैं, लेकिन अब तक इसकी सुध किसी ने नहीं ली है। उन्होंने बताया कि छीड़ा नामक जल स्रोत के पास पानी एकत्रित करने के लिए टैंक का निर्माण भी उन्होंने करवा दिया है। गांव ऊंचाई में होने से पानी नहीं चढ़ पा रहा है। इसके लिए उन्होंने जल संस्थान के ईई से सोलर पंप लगाकर पानी लिफ्ट करने की मांग की है। विभाग ने यह काम भी नहीं किया तो वह अपने बल पर इस काम को करवाएंगे।

तंत्र की काहिली से दुखी हैं मेहता

फिल्म निर्माता कमल मेहता तंत्र की काहिली से दुखी हैं। उनका कहना है कि सरकारी विभाग धरातल पर कुछ भी काम नहीं करते। गांवों की समस्या का समाधान केवल कागजों में होता है। उन्होंने पोथ गांव में पेयजल संकट के लिए तंत्र की लापरवाही को जिम्मेदार बताया। कहा कि पोथ गांव में सड़क तो पहुंच गई है, लेकिन बिजली, पानी एवं स्वास्थ्य सुविधा अभी भी कोसों दूर है।

ईई जल संस्थान बिलाल युनूस पोथ ने बताया कि गांव को हर घर नल योजना से जोड़ा जा रहा है। जल स्रोत के गांव के काफी नीचे स्थित होने के कारण पानी नहीं लाया जा सका है। किसी अन्य स्रोत की तलाश की जा रही है। विकल्प न मिलने पर छीड़ा स्रोत से ही पानी को लिफ्ट कर गांव तक पहुंचाया जाएगा।

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.