जागेश्वरधाम में दस मिनट के लिए कर सकेंगे दर्शन, सुबह सात से शाम छह बजे तक खुलेगा मंदिर

जागेश्वरधाम को बाबा जागनाथ के दर्शन को कुछ शर्तों के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। प्रात सात से शाम छह बजे तक श्रद्धालु मात्र 10 मिनट के लिए दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान कोई भी पुजारी श्रद्धालु के संपर्क में नहीं रहेगा।

Prashant MishraTue, 22 Jun 2021 06:01 PM (IST)
शारीरिक दूरी व कोविड-19 के नियमों के तहत विशेष पूजा एवं अनुष्ठान की अनुमति की पुरजोर वकालत की है।

जागेश्वरधाम (अल्मोड़ा) : द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शुमार जागेश्वरधाम को बाबा जागनाथ के दर्शन को कुछ शर्तों के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। प्रात: सात से शाम छह बजे तक श्रद्धालु मात्र 10 मिनट के लिए दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान कोई भी पुजारी श्रद्धालु के संपर्क में नहीं रहेगा। जलाभिषेक, टीका लगाना, घंटी बजाना ही नहीं प्रसाद लेने देने पर पूर्व की भांति प्रतिबंध रहेगा। इधर प्रधान पुजारी ने पुरोहितों के हितों को देखते हुए शारीरिक दूरी व कोविड-19 के नियमों के तहत विशेष पूजा एवं अनुष्ठान की अनुमति की पुरजोर वकालत की है। 

वैश्विक महासंकट के मद्देनजर करीब दो माह से जागेश्वर मंदिर समूह में प्रवेश व पूजा अर्चना बंद है। अब जागेश्वरधाम मंदिर प्रबंधन समिति अध्यक्ष एवं डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने मंदिर समूह को बाबा के दर्शन के लिए खोलने की अनुमति दे दी है। प्रबंधक भगवान भट्ट के मुताबिक मंदिर दर्शन को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य प्रवेश द्वार पर आधारकार्ड के साथ पंजीकरण कराना होगा। सेनेटाइज किया जाएगा। किसी श्रद्धालु में सर्दी, जुकाम, बुखार आदि कोराना सरीखे लक्षण मिले तो उसे रोक दिया जाएगा। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को इसकी सूचना दी जाएगी। 

डीएम के निर्देशों का हवाला देते हुए प्रबंधक ने बताया कि मंदिर समूहों के गर्भगृह में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालु बाहरी सामग्री मंदिर के अंदर नहीं ले जा सकेंगे। ऑनलाइन पूजा पूर्व की भांति चलती रहेगी। सप्ताह में दो दिन पूरे मंदिर परिसर को सेनिटाइज किया जाएगा। प्रबंधक के अनुसार मंदिर दर्शन की व्यवस्था केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन के अधीन है। उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

प्रधान पुजारी श्रीज्योतिर्लिंग जागेश्वरधाम, पं. हेमंत भट्ट कैलाश का कहना है क‍ि मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा जागेश्वर मंदिर समूह को खोलने के साथ पुरोहितों के हितों को भी ध्यान में रखना चाहिए। श्रदालुओं से शारीरिक दूरी बनाकर रुद्राभिषेक, जाप, अनुष्ठान आदि सुचारू कराने की अनुमति दी जानी चाहिए। पुरोहितों के परिवार की आजीविका पूजा अर्चनाप ही है। लॉकडाउन के बाद से ही कुछ पुरोहित आर्थिक संकट में आ गए हैं। उन्हें मंदिर प्रबंधन समिति या सरकार से किसी भी तरह की मदद भी नहीं मिली है। 

प्रबंधक जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति भगवान भट्ट का कहना है क‍ि जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति और एसडीएम जैंती भनोली ने संयुक्त रूप से डएम को मंदिर दर्शन के लिए खोलने के संबंध में प्रस्ताव दिया था। डीएम ने इसे स्वीकार कर सशर्त अनुमति प्रदान कर दी है।

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