चम्पावत में पहाड़ी दरकने से पांच घंटे बंद रहा टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे, लिसा डिपो के पास सड़क पर आया मलबा

एनएच के प्रभारी ईई विवेक सक्सेना से बताया कि एनएच में पहाड़ी दरकने से मलबा आने की सूचना मिलते ही मशीनों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने वाहन चालकों से मार्ग में आवाजाही करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।

Prashant MishraSat, 25 Sep 2021 05:51 PM (IST)
लीसा डिपो के पास पहाड़ी दरकने से बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से आवाजाही बाधित हो गई।

जागरण संवाददाता, लोहाघाट : टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को बाराकोट लिसा डिपो के पास पहाड़ी दरकने से पांच घंटे तक वाहनों का संचालन ठप रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। घंटों तक वाहनों में बैठे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर 12:34 बजे बजे मलबा हटाने के बाद आवाजाही शुरू  हो पाई।

शनिवार की सुबह 8:30 बजे लीसा डिपो के पास पहाड़ी दरकने से बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से आवाजाही बाधित हो गई। जिस समय मलबा और बोल्डर गिर उस वक्त सड़क पर कोई वाहन नहीं था अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना स्थल से आगे और पीछे कई वाहन गंतव्य को जा रहे थे। जोरदार आवाज के साथ मलबा गिरते ही चालकों ने वाहन खड़े कर दिए। सूचना के बाद कार्यदायी संस्था ने मशीनों को भेजकर मलबा हटाना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद 12:34 बजे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। सड़क बंद होने से यात्री पांच घंटे तक परेशान रहे।

एनएच के प्रभारी ईई विवेक सक्सेना से बताया कि एनएच में पहाड़ी दरकने से मलबा आने की सूचना मिलते ही मशीनों को मौके पर भेजा गया।  उन्होंने वाहन चालकों से मार्ग में आवाजाही करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। इधर चम्पावत-टनकपुर हाईवे में स्वाला, धौन, चल्थी और सूखीढांग के पास भी आंशिक रूप से मलबा गिरा, लेकिन इससे आवाजाही प्रभावित नहीं रही। मौके पर मौजूद जेसीबी मशीनों ने समय रहते मलबा हटा लिया। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दोहपर बाद से एनएच सुचारू है।

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