टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे 30 घंटे से बंद, लगातार हो रहे लैंडस्लाइड ने बढ़ाई मुसीबत

जिले में बारिश का सिलसिला चार दिन से जारी है। बारिश से बंद टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे 30 घंटे बाद भी नहीं खुल पाया है। इधर चम्पावत-टनकपुर रोड पर सिन्याड़ी के पास नया डेंजर जोन बन गया है। यहां रविवार की सुबह से लगातार भू-स्खलन हो रहा है। ब

Skand ShuklaSun, 20 Jun 2021 09:19 AM (IST)
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे 30 घंटे से बंद, लगातार हो रहे लैंडस्लाइड ने बढ़ाई मुसीबत

चम्पावत, जागरण संवाददाता : जिले में बारिश का सिलसिला चार दिन से जारी है। बारिश से बंद टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे 30 घंटे बाद भी नहीं खुल पाया है। इधर चम्पावत-टनकपुर रोड पर सिन्याड़ी के पास नया डेंजर जोन बन गया है। यहां रविवार की सुबह से लगातार भू-स्खलन हो रहा है। बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से मलबा हटाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। जबकि धौन-स्वाला, बेलखेत, चल्थी, झालाकुड़ी आदि स्थानों पर आया मलबा हटा लिया गया है। पिथौरागढ़ मार्ग पर बंतोली से लीसा डिपो तक का लगभग 15 किलोमीटर का हिस्सा जगह-जगह मलबे से पटा है। इधर टनकपुर शारदा बैराज के सभी 22 गेट खोल दिए गए हैं। नहर का पानी बंद कर दिए जाने से एनएचपीसी का विद्युत उत्पादन ठप हो गया है।

घाट में पुलिस चौकी के पास आया मलबा शनिवार की देर शाम हटा लिया गया था। लेकिन अभी भी इस क्षेत्र में पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी है। रात में 11 बजे के करीब तल्ली बाराकोट, भारतोली, लीसा डिपो क्षेत्र में फिर से बड़ी मात्रा में मलबा आ गया। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाइवे पर 30 घंटे से पिथौरागढ़ और चम्पावत जिलों का सड़क संपर्ककटा हुआ है। इस मार्ग पर टम्टा बैंड पर भी रविवार की सुबह सात बजे जबर्दस्त भू-स्खलन हुआ है। प्रशासन ने एनएच पर फंसे वाहनों को सुरक्षित जगहों पर भेजकर यात्रियों को भी निकाल लिया है। टनकपुर-चम्पावत मार्ग बंद होने से टनकपुर ककराली गेट में पहाड़ की ओर आने वाले वाहनों को रोककर यात्रियों को हल्द्वानी होते हुए बाया देवीधुरा से यात्रा करने को कहा जा रहा है। दो दिन से बंद जिले की 27 ग्रामीण सड़कों में से 12 को शनिवार की शाम सात बजे तक खोल दिया गया था, लेकिन 15 सड़कें अभी भी बंद हैं।

रविवार की सुबह लोनिवि और पीएमजीएसवाई की 11 नई सड़कें मलबा आने से फिर बंद हो गई। रविवार की सुबह आठ बजे तक 26 ग्रामीण सड़कें बंद थीं। पहाड़ों में हो रही बारिश से टनकपुर में शारदा नदी का जल स्तर दो लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है। खतरे को देखते हुए एनएचपीसी ने शनिवार की शाम बैराज के सभी 22 गेटों को खोल दिया था। बैराज से नहर को जाने वाले पानी को बंद कर देने से विद्युत उत्पादन ठप हो गया है। टनकपुर में किरोड़ा नालेे का पानी आमबाग, ककरालीगेट से लगे क्षेत्र में घुसने से जल भराव हो गया है। रविवार की सुबह लोहाघाट-बाराकोट मोटर मार्ग पर गलचौड़ा के पास देवदार का पेड़ गिरने से आवागमन बंद हो गया। इससे दूध की सप्लाई पर भी असर पड़ा। इसके अलावा कई स्थानों पर संपर्क मार्ग, पुलिया, और पेयजल लाइन ध्वस्त होने के समाचार हैं। टनकपुर और बनबसा में शनिवार की शाम से बारिश रुकी है। लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हो रही है।

एडीएम चम्पावत टीएस मर्तोलिया ने बताया कि निर्माणाधीन ऑलवेदर रोड पर जगह-जगह मलबा गिर रहा है। पिथौरागढ़ रोड में भारतोली, और टम्टा बैंड तथा टनकपुर रोड में धौन-स्वाला, झालाकुड़ी, अमरूबैंड आदि स्थानों को डेंजर जोन चिन्हित किया गया है। यात्री बारिश काल में एनएच पर यात्रा करने से बचें। आपदा प्रबंधन विभाग एवं अन्य एजेंसियों को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने को कहा गया है। प्रशासन भी हर घटना पर नजर रख रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे नुकसान का अपडेट लगातार लिया जा रहा है।

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