ऊधमसिंह नगर में कोरोना रिपोर्ट का अजीब मामला, एक दिन में चार लाेगों की रिपोर्ट पॉजिटिव और निगेटिव भी

अजीब रिपोर्ट से लोगों में डर व्याप्त हो गया है।

शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को पहले कोरोना पाजिटीव बता दिया। उसी दिन जब दूसरी रिपोर्ट हाथ में आई तो निगेटिव मिला। पाजिटिव आने के डर से एक कर्मचारी ने अपना रोजा इफ्तार भी छोड़ दिया। ऐसे में विभाग पर उंगलिया उठ रही हैं।

Prashant MishraThu, 22 Apr 2021 05:39 PM (IST)

बृजेश पांडे, रुद्रपुर। कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही लोगाें के अंदर भय भी बढ़ता जा रहा है। स्वयं सुरक्षित रहने के साथ ही वह दूसरों को सचेत कर रहा है। इसके बाद भी जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आए तो निश्चित तौर पर भय लाजमी है। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को पहले कोरोना पाजिटीव बता दिया। उसी दिन जब दूसरी रिपोर्ट हाथ में आई तो निगेटिव मिला। पाजिटिव आने के डर से एक कर्मचारी ने अपना रोजा इफ्तार भी छोड़ दिया। ऐसे में विभाग पर उंगलिया उठ रही हैं।

कोविड संक्रमण तेजी पैर पसार रहा है। विभाग खुले हैं। सैंपलिंग समय-समय पर ली जा रही है। लोगाें में रिपोर्ट को लेकर अब भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। जिला शिक्षा कार्यालय के 17 कर्मचारियों का 19 अप्रैल को आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था। 20 अप्रैल को रिपोर्ट आने पर कर्मचारियों के होश उड़ गए। चार लोगों को पाजिटिव बताया गया। सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। कार्यालय में सैनिटाइजिंग होने लगा। हर लोग अपने आप को केबिन में कैद कर गेट पर प्रवेश निषेध का नोटिस चस्पा दिया। यही नहीं कंट्रोल रूम से कर्मचारी इरफान, प्रदीप शर्मा, भूवन चंद्र और सुबोध सिंह को पाजिटिव होने की सूचना दी गई।

अगले दिन फिर से जब रिपोर्ट आई तो उसमें यही कर्मचारी निगेटिव मिले। निगेटिव की रिपोर्ट हाथ में आते ही खुश हो गए। इसके बाद भी विभाग ने पुलिस विभाग इन कर्मचारियों की रिपोर्ट निगेटिव आने की सूचना अपडेट नहीं कराई। पुलिस विभाग को जानकारी न होने से निगेटिव आए शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को अब तक तलब किया जा रहा है। बेसिक कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि उनकी पुत्री का रिपोर्ट पाजिटिव आई। उसके बाद दूसरी रिपोर्ट जारी हुई जिसमें वह निगेटिव आई है।

बताया कि देहरादून से उनकी पुत्री एमएससी बायोटेक से हैं। लैब में एक्सपेरिमेंट के लिए उन्हें जाना था, लेकिन गलत पाजिटिव रिपोर्ट के चलते उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। ऐसे में लैब से चूक हो रही है या फिर विभागीय स्तर पर इसके बारे में कोई अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहा है।

सीएमओ डा.डीएस पंचपाल ने बताया कि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। इसकी पूछताछ करने के बाद कुछ कह सकूंगा।

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