धूमपान छोडऩे के बाद भी फेफड़ों में रहता है दाग, जानिए क्‍या कहते हैं श्वास रोग विशेषज्ञ डा. संजय सिंह

अगर आपने पहले धूमपान किया है और अब नहीं करते हैं तब भी आपके फेफड़ों में दाग रह सकता है। सिद्धि विनायक अस्पताल के श्वास रोग विशेषज्ञ डा. संजय सिंह बताते हैं कि अच्छी बात यह है कि अगर आप अब धूमपान नहीं करते हैं तो बीमारी बढ़ेगी नहीं।

Skand ShuklaMon, 06 Dec 2021 09:17 AM (IST)
धूमपान छोडऩे के बाद भी फेफड़ों में रहता है दाग, जानिए क्‍या कहते हैं श्वास रोग विशेषज्ञ डा. संजय सिंह

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : अगर आपने पहले धूमपान किया है और अब नहीं करते हैं तब भी आपके फेफड़ों में दाग रह सकता है। आपको अस्थमा की समस्या हो सकती है। सिद्धि विनायक अस्पताल के श्वास रोग विशेषज्ञ डा. संजय सिंह बताते हैं कि अच्छी बात यह है कि अगर आप अब धूमपान नहीं करते हैं तो बीमारी बढ़ेगी नहीं। इसलिए अस्थमा से ग्रस्त रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। डा. सिंह रविवार को दैनिक जागरण के हैलो डाक्टर कार्यक्रम में थे। उन्होंने फोन पर कुमाऊं भर के लोगों को परामर्श दिया।

सवाल- मुझे कई वर्षों से दमा है, लेकिन मैं कभी-कभी इनहेलर लेता हूं। धूमपान भी नहीं करता। फिर भी समस्या कम नहीं होती।

एमएम बेलवाल, रामनगर

डाक्टर- डाक्टर के परामर्श के अनुसार इनहेलर नियमित लें। बीमारी कम होने पर डोज कम कर दी जाती है। लापरवाही बरतने पर बीमारी घातक हो जाती है।

सवाल- 10 साल पहले धूमपान करता था। फिर भी सांस फूलती है। क्या धूमपान का असर अब भी हो सकता है?

पीसी जोशी, अल्मोड़ा

डाक्टर- धूमपान से फेफड़े में लगा दाग ठीक नहीं हो सकता है। अगर अब धूमपान नहीं करते हैं तो यह अच्छा है। बीमारी का खतरा कम हो जाएगा।

जानें अस्थमा का कारण व निदान

डा. सिंह ने बताया कि अस्थमा होने के कई कारण हैं। यह आनुवांशिक भी हो सकता है। एलर्जी, नान एलर्जी, आक्युपेशनल यानी धूल, धुएं व गैसों वाली जगह पर काम करने से अस्थमा का खतरा रहता है। इस बीमारी के कारण जानने के लिए जांचें होती हैं। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए दवा की सलाह दी जाती है।

जानें लक्षण, कराएं इलाज

- नियमित खांसी होना

- सीने में जकडऩ

- चलने में सांस फूलना

- बोलने में घरघराहट

- लक्षण दिखते ही डाक्टर से सलाह लें

- खुद से स्टीरायड का सेवन न करें

क्या करें

- गर्म तासीर वाली चीजें खाएं

- गर्म पानी से स्नान करें

- गुनगुना पानी ही पीएं

- बिस्तर रेगुलर साफ करें

- धूल, धुएं व गैसों से दूर रहें

क्या न करें

- दही, मट्ठे का सेवन न करें

- आइसक्रीम जैसी चीजें न खाएं

- जूस का सेवन न करें

- प्रात:काल घूमने न जाएं

- रेशे वाले बिस्तर का प्रयोग न करें

इन्होंने लिया परामर्श

द्वाराहाट से हर्षित मठपाल, हल्द्वानी से विजय कुमार, पूजा पांडे, सरोज, जोगा सिंह, नसीम अहमद, सुयालबाड़ी से मनमोहन सुयाल, रामनगर से मदन मोहन बेलवाल, काशीपुर से प्रमोद शर्मा, पिथौरागढ़ से एसडी शर्मा, बागेश्वर से गिरीश चंद्र पांडे, अल्मोड़ा से दीपक, पूरन ंिसह मेहरा, गरमपानी से चना देवी, कोटाबाग से बालम पतलिया आदि ने परामर्श लिया।

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