Corbett Tiger Reserve : गर्म पानी में धुला मांस खा रहे टाइगर और कुत्ते, हाथियों को दिया जा रहा मिनरल और विटामिन

Corbett Tiger Reserve इंसानों में कोविड के खतरे को देखते हुए जंगल में वन्यजीवों पर भी कोरोना संक्रमण के खतरे की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि सीटीआर में भी सतर्कता के लिए एहतियात बरतनी शुरू हो गई है।

Skand ShuklaTue, 15 Jun 2021 07:37 AM (IST)
Corbett Tiger Reserve : गर्म पानी में धुला मांस खा रहे टाइगर, हाथियों को दिया जा रहा मिनरल और विटामिन

रामनगर, जागरण संवाददाता : Corbett Tiger Reserve : इंसानों में कोविड के खतरे को देखते हुए जंगल में वन्यजीवों पर भी कोरोना संक्रमण के खतरे की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि सीटीआर में भी सतर्कता के लिए एहतियात बरतनी शुरू हो गई है। नैनीताल जू व रानीबाग से ढेला रेस्क्यू सेंटर में लाए गए दोनों बाघों व डाग स्क्वाड को मांस दस मिनट गर्म पानी में रखने के बाद दिया जाएगा। जिससे कि वह पूरी तरह कीटाणुमुक्त हो जाए। अब तक मांस बाजार से लाकर बाघों व कुत्तों को सीधे दे दिया जाता था। वहीं हाथियों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें मिनरल और विटामिन दिया जा रहा है। सीटीआर में वन्य जीवों को कोरोना से बचाने के लिए यह कवायद की जा रही है।

कर्मचारियों को पीपीपी किट और एन-95 डबल मास्क अनिवार्य

देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला है। इंसानों से कोरोना वायरस वन्यजीवों तक न पहुंच जाए, इसका खतरा बना हुआ है। कोरोना से बचाव के लिए कार्बेट पार्क में पर्यटकों की आवाजाही बंद करने के बाद दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। पालतू हाथियों व डाग स्क्वाड के संपर्क में रहने वाले कर्मचारियों का समय-समय पर कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। वन्यजीवों की देखरेख कर रहे कर्मचारियों पीपीपी किट और एन 95 का डबल मास्क व और ग्लब्ज लगाकर ही उने आसपास जा रहे हैं । ताकि वन्य जीवों में इंसानों से संक्रमण न फैले।

कार्बेट पार्क में यह गाइडलाइन हुई जारी

वन्य जीवों के नजदीक जाने से वनकर्मी बचें। वन्य जीवों के बाड़े में जरूरी कर्मचारी ही हो। गश्त कर रहे कर्मियों की रिपोर्ट नेगेटिव हो। हाथी कैंप व डाग स्क्वावड कैंप सेनेटाइज हो। एक दूसरे से दो मीटर की दूरी पर बैठेंगे कर्मी। वन्य जीवों के इमरजेंसी उपचार की व्यवस्था हो। वन्य जीवों के लिए खाद्य पदार्थ साफ होना जरूरी। कर्मचारी में कोविड के लक्षण दिखने पर दूर रहे।

महावतों को भी हैं निर्देश

कोविड के लगातार सतर्कता बरती जा रही है। सीटीआर के पास वर्तमान में 16 हाथी मौजूद है। इन हाथियों के महावत भी रोजाना अपने घर आ जा नहीं सकेंगे। महावतों का घर बाहर शहर में है। ऐसे में घर आने जाने में आवाजाही से कोरोना संक्रमण हाथियों तक फैलने का खतरा बना रहेगा। इसलिए विभागीय अधिकारियों ने महावतों को कुछ दिन वन चौकियों में रहने के निर्देश दिए हैं।

जानिए क्या कहते हैं चिकित्सक और निदेशक

पशु चिकित्सक सीटीआर दुष्यंत शर्मा ने बताया कि वन्य जीवों को कोरोना से बचाने के लिए सतर्क हैं। हाथियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मिनरल व विटामिन दिया जाएगा। इनर्जी टॉनिक देने के अलावा हाथियों की डाइट भी अच्छी की जाएगी। जो बाघ ढेला में रखे हैं, उन्हें मांस गर्म पानी में धोकर दिया जाएगा। वहीं सीटीआर निदेशक राहुल ने कहा कि सीटीआर में कोविड की गाइड लाइन का अनुपालन कराया जा रहा है। वन्य जीवों में किसी तरह की दिक्कत होने पर वन कर्मियों को सूचना देने के लिए कहा गया है। ताकि उसकी जांच कराई जा सके।

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