Scholarship Scam : समाज कल्याण अधिकारी को नहीं मिली अंतरिम जमानत

Scholarship Scam डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए तर्क दिया कि समाज कल्याण छात्रवृत्ति घोटाला मामले में समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर के खिलाफ एसआइटी द्वारा काशीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है।

Prashant MishraSat, 31 Jul 2021 08:19 AM (IST)
शंखधर के खिलाफ इस घोटाले में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

जागरण संवाददाता, नैनीताल : विशेष न्यायाधीश भ्रष्टïाचार निवारण प्रीतू शर्मा की कोर्ट ने समाज कल्याण छात्रवृत्ति घोटाला मामले में आरोपित जिला समाज कल्याण अधिकारी रहे अनुराग शंखधर की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। शुक्रवार को डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए तर्क दिया कि समाज कल्याण छात्रवृत्ति घोटाला मामले में समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर के खिलाफ एसआइटी द्वारा काशीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है।

विष्णुविहार अजबपुर कलां देहरादून निवासी अनुराग पर आरोप है कि गणपति कॉलेज ऑफ एजुकेशन फरीदाबाद हरियाणा में अध्ययनरत छात्रों की छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता की। छात्रों की रजामंदी के बिना बिचौलियों द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर संस्था के स्वामी व अधिकारियों से मिलीभगत कर समाज कल्याण विभाग से साढ़े पांच लाख से अधिक के सरकारी धन का दुरुपयोग किया। जबकि उक्त संस्थान में दर्शायी गई एससी-एसटी के छात्रों ने पूछताछ में बताया कि उनके द्वारा कभी उक्त विद्यालय में प्रवेश नहीं लिया, साथ ही कभी छात्रवृत्ति भी प्राप्त नहीं की। उनके द्वारा कोई बैंक खाते नहीं खोले गए। अभियोजन व बचाव पक्ष के तर्क व बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। शंखधर के खिलाफ इस घोटाले में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व प्रबंधक की जमानत मंजूर

नैनीताल : हाई कोर्ट ने समाज कल्याण छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तार हापुड़ उत्तर प्रदेश जिला सहकारी बैंक के पूर्व प्रबंधक हरी प्रकाश अग्रवाल की जमानत मंजूर कर ली है। शुक्रवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ में अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई हुई। अभियोजन के अनुसार पूर्व प्रबंधक पर आरोप था कि उन्होंने बैंक प्रबंधक रहते मोनाड विवि के अधिकारियों से मिलीभगत कर समाज कल्याण की छात्रवृत्ति करीब 20 लाख से अधिक की गड़बड़ी की।

इस मामले में एसआइटी द्वारा 26 जून को बैंक प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने कोर्ट को बताया कि मोनाड विवि द्वारा कोर्ट में दिए गए बयान के अनुसार 20 लाख से अधिक रकम लौटा दी है। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.