आपदा में अब तक कुमाऊं में 61 ने गंवाई जान, चार अब भी लापता

शुक्रवार को कैंप कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब मंडलायुक्त सुशील कुमार ने कहा कि बचाव व राहत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कई स्थानों पर राहत कार्य अब भी बेहद मुश्किलभरा है। वहीं अब तक दो हजार करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान है।

Prashant MishraFri, 22 Oct 2021 04:14 PM (IST)
पत्रकारों से मुखातिब मंडलायुक्त सुशील कुमार ने कहा कि बचाव व राहत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कुमाऊं में आपदा की दुश्वारियों अभी कम नहीं हुई हैं। मरने वालों की संख्या 61 पहुंच गई हैं। अभी भी चार लोग लापता हैं। कई स्थानों पर राहत कार्य अब भी बेहद मुश्किलभरा है। वहीं अब तक दो हजार करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान है। शुक्रवार को कैंप कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब मंडलायुक्त सुशील कुमार ने कहा कि बचाव व राहत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

जिलेवार मौत की स्थिति

- नैनीताल - 34

चम्पावत - 11

अल्मोड़ा  6

बागेश्वर 5

पिथौरागढ़ 4

ऊधमसिंह नगर 1

पांच शव दूसरे राज्यों को भेजे, बिहार के आठ शव भेजने की तैयारी

मंडलायुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश के दो, बिहार के तीन शवों को उनके घर भेज दिए गए हैं। वहीं बिहार के आठ और शवों का पोस्टमार्टम कर दिया गया है। इन शवों को भेजने को लेकर बिहार सरकार से बात चल रही है। जल्द ही इन्हें भेज दिया जाएगा।

राहत व बचाव कार्य में जुटी है सेना,  अब तक  7880 पर्यटकों को किया रेस्क्यू  

आपदा के दौरान 17 से 21 अक्टूबर तक मंडल में वायु सेना के सा व एक प्राइवेट कंपनी के हेलीकाप्टर के माध्यम से  100 लोगों को दूरस्थ क्षेत्रों से रेस्क्यू किया गया है। यह दूरस्थ क्षेत्र गुंजी, जौली गांव, तिदांग, पिंडारी आदि हैं। इसी तरह जिला प्रशासन, एसडीआरएफ,एनडीआरएफ, सेना के जवानों ने 816 लोगों का रेस्क्यू किया। अलग-अलग जगह सड़क मार्गों में फंसे 8315 लोग व विभिन्न स्थानों पर फंसे 7880 पर्यटकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। रेस्क्यू में एनडीआरएफ की 12, एसडीआरएफ की 10 टीमें, 1500 पुलिस के जवान, तीन यूनिट सेना जिसमें डोगरा, जैक्लाई व एयर आपरेशन की टीमें शामिल हैं। पूरे कुमाऊं में अब तक 36 बीमार व घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

15 हजार खाद्य किट किए वितरित

मंडलायुक्त ने बताया कि मंडल के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में 15 हजार खाद्य किट वितरित किए गए हैं। उधम सिंह नगर में 15 स्थानों पर लंगर चलाया जा रहा है। इसमें प्रभावितों को दो वक्त का भोजन दिया जा रहा है। कुमाऊं के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राशन वितरण करने के लिए हल्द्वानी मंडी में गोदाम बनाया गया है। वहां पर पांच ट्रक राशन पहुंच गया है। हरियाणा समेत अन्य राज्यों से भी सामग्री आ रही है। मुख्यमंत्री भी लगातार प्रयासरत हैं। इसके साथ ही आपदाग्रस्त क्षेत्रों में 50 हजार कंबल, टेंट, तिरपाल भिजवाए जा रहे हैं।

रामनगर में पेयजल सुचारू करने के प्रयास

कुमाऊं में रामनगर के अलावा सभी जगह पेयजल व्यवस्था सुचारू हो गई है। मंडलायुक्त ने कहा कि रामनगर में फिलहाल पेयजल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

कई राजमार्ग अब भी बंद

राष्ट्रीय राजमार्ग खैरना-अल्मोड़ा, टनकपुर-चम्पावत मार्ग अभी बंद है। इन्हें खोलने के लिए कार्य चल रहा है। बाकी मार्ग खोले दे दिए गए हैं। राज्य मार्ग भवाली-रामगढ़-क्वारब वव भवाली-रामगढ़-शहरफाटक मार्ग खोल दिया गया है। इससे कुमाऊं की यात्रा सुचारू हो गई है।

दो हजार करोड़ का नुकसान, राहत कार्य जारी

आयुक्त ने बताया कि पूरे मंडल में आपदा से प्राथमिक आकलन के आधार पर दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अभी व्यक्तिगत नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। साथ ही फसलों के नुकसान के सर्वे के लिए टीमें लगाई जा चुकी हैं। डीएम को 10 करोड़ रुपये आपदा मद में खर्च करने की अनुमति है। जरूरत पड़ने पर 10 करोड़ रुपये की अनुमति और ली जा सकती है।

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