बागेश्वर में स्मैक तस्कर को तीन साल की सजा के साथ 50 हजार का जुर्माना

युवक ने अपना नाम 20 वर्षीय जीवन खेतवाल उर्फ जिबुवा पुत्र स्व. देवेंद्र सिंह खेतवाल निवासी आरे बताया। उसने बताया कि वह हल्द्वानी से स्मैक लाकर बागेश्वर के लड़कों को बेचता है। जीवन के पास से कुल 6.55 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

Prashant MishraTue, 30 Nov 2021 09:40 PM (IST)
जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास की सुनाई सुनाई है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : विशेष सत्र न्यायाधीश ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्मैक तस्कर को तीन साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 

घटनाक्रम के अनुसार 21 जुलाई 2019 को कोतवाली में तैनात एसएसआई खष्टी बिष्ट सरयू पुल तिराहे पर अन्य पुलिस कर्मियों के साथ वाहनों की चेकिंग कर रही थीं। तभी उन्हें सूचना मिली की एक लड़का नुमाईखेत ग्राउंड के पास बने पुराने पार्क में स्मैक बेच रहा है। सूचना के बाद पुलिस ने उस लड़के को पकड़ लिया। पकड़े गए युवक ने अपना नाम 20 वर्षीय जीवन खेतवाल उर्फ जिबुवा पुत्र स्व. देवेंद्र सिंह खेतवाल निवासी आरे बताया। उसने बताया कि वह हल्द्वानी से स्मैक लाकर बागेश्वर के लड़कों को बेचता है। जीवन के पास से कुल 6.55 ग्राम स्मैक बरामद हुई। युवक के खिलाफ जिला विशेष सत्र न्यायाधीश की न्यायालय में मुकदमा चला।

मामले में राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय एवं चंचल पपोला ने पैरवी की। मामले में नौ गवाह पेश किए। मंगलवार को विशेष सत्र न्यायाधीश शहंसाह मोहम्मद दिलवर दानिश ने मामले में गवाहों को सुनने तथा पत्रावली का अध्ययन करते हुए अभियुक्त को दोषी पाया। उसे स्वापक औषधि व मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 की धारा आठ सपठित धारा 21 (बी) के अंतर्गत तीन साल की कठोर कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास की सुनाई सुनाई है।

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