सैनिक कल्याण के संविदा कर्मियों ने मांगी नियुक्ति, मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार का एलान

विभाग में नियुक्त संविदा कर्मचारियों ने विभागीय संविदा में लेने और सातवें वेतन आयोग का लाभ देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार जारी है। इस दौरान उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान कर दिया है।

Prashant MishraTue, 03 Aug 2021 04:43 PM (IST)
पूर्व सैनिक संविदा कर्मचारियों और सिविल अल्पवेतन भोगी कर्मचारियों का मानसिक शोषण किया जा रहा है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : सैनिक कल्याण विभाग में नियुक्त संविदा कर्मचारियों ने विभागीय संविदा में लेने और सातवें वेतन आयोग का लाभ देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार जारी है। इस दौरान उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान कर दिया है।

मंगलवार को कार्यालय परिसर पर रमेश चंद्र तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने धरना दिया। उन्होंने कहा केंद्रीय सैनिक बोर्ड की गाइडलाइन और उत्तराखंड सरकार के शासनादेश के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों को नियुक्त किए जाने की समान व्यवस्था है। लेकिन विभाग ने अधिकारियों को संविदा में नियुक्त किया है। विभाग में रिक्त पदों के लिए विज्ञप्ति निकाली जाती है। जिसमें जिलाधिकारी नामित सदस्य होता है। गत 16 साल से विभाग के सेवानिवृत्त सेना के अधिकारी को विभागीय मुखिया की जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्व सैनिक संविदा कर्मचारियों और सिविल अल्पवेतन भोगी कर्मचारियों का मानसिक शोषण किया जा रहा है।

उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के माध्यम से सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास उत्तराखंड के निदेशक को ज्ञापन भेजा और मांग न माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया। इस मौके पर सोवन सिंह, महेश चंद्र, दीप चंद्र बिष्ट, बसंत बल्लभ, नरेंद्र सिंह, किशन सिंह, जगदीश सिंह, दान सिंह, महेश, मनोज कुमार, कमला तिवारी आदि मौजूद थे।

स्लाटर हाउस को लेकर पालिका के खिलाफ किया प्रदर्शन, उठाए सवाल

बागेश्वर : मांस बिक्रेताओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका स्लाटर हाउस तैयार नहीं कर रही है। स्लाटर हाउस की भूमि में अवैध कब्जा किया गया है। उसे तत्काल हटाया जाए। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। 

बकरा मीट लाइसेंधारियों ने पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भागीरथी गधेरे के ऊपर मीट मार्केट है और उसके दूसरे मंजिल में स्लाटर हाउस था। अदालत के आदेश के बाद पालिका ने उसे बंद कर दिया। जबकि पालिका यहां इटीपी प्लांट लगा सकती थी। जिससे स्लाटर हाउस की दिक्कत नहीं होती। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि 2015 से पूर्व स्लाटर हाउस बनाने के लिए कांडा रोड पर पालिका को भूमि प्रदान की गई थी। जहां इटीपी प्लांट लगाया जा सकता था। लेकिन पालिका की हीलाहवाली के कारण उस पर एक व्यक्ति ने कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि यदि लाइसेंसधारी मांस बिक्रेताओं को शीघ्र स्लाटर हाउस नहीं मिला तो वह आंदोलन तेज करेंगे। इस दौरान जावेद अहमद, असलम, राकेश कुमार, अफजल, अल्लारख्खा, खुदारखे, अनवर खान, जुवैद खान, दीवान राम आदि मौजूद थे। 

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