सुबह आठ से शाम पांच बजे तक कर सकेंगे नौकायन और घुड़सवारी, नैनीताल प्रशासन ने जारी किए निर्देश

16 जून से नाव संचालन व घुड़सवारी का कार्य सुबह आठ से शाम पांच बजे तक किया जा सकेगा। नाव में चालक के अलावा दो व्यक्ति ही नौकायन कर सकेंगे पेडलबोर्ड में दो लोगों को ही नौकायन की अनुमति होगी। नौकायन के दौरान मास्क का प्रयोग वह सैनिटाइजेशन किया जाएगा।

Prashant MishraTue, 15 Jun 2021 11:16 PM (IST)
जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल के निर्देशों के बाद घोड़ा और नौका संचालन के लिए एसओपी जारी की गई है।

जागरण संवाददाता, नैनीताल। कोविड संक्रमण के चलते बीते डेढ़ माह से से अधिक समय से बंद पड़ा नौकायन और घुड़सवारी एक बार फिर सुचारू रूप से संचालित हो पाएगी। जिला प्रशासन ने नैनीताल तहसील क्षेत्र में नौकायान और घुड़सवारी के संचालन को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। संचालक कोविड नियमों का अनुपालन करते हुए सुबह आठ से शाम पांच बजे तक नाव और घोड़ो का संचालन कर सकेंगे। इस आदेश के बाद से नौचालक व अन्य छोटे व्यापारियों में खुशी की लहर है।

बता दें कि कोविड संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार की ओर से घोषित लाकडाउन के दौरान घुड़सवारी और नैनीताल व समीपवर्ती झीलों में नौकायन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया था। करीब डेढ़ माह बाद पालिका व प्रशासन की अनुमति के बाद सोमवार से नैनी झील में तो नौकायन शुरू कर दिया गया। मगर इसको लेकर कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया था। एसडीएम प्रतीक जैन ने बताया कि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल के निर्देशों के बाद घोड़ा और नौका संचालन के लिए एसओपी जारी की गई है।

नैनीताल तहसील क्षेत्र में 16 जून से नाव संचालन व घुड़सवारी का कार्य सुबह आठ से शाम पांच बजे तक किया जा सकेगा। नाव में चालक के अलावा दो व्यक्ति ही नौकायन कर सकेंगे, पेडलबोर्ड में दो लोगों को ही नौकायन करने की अनुमति होगी। नौकायन के दौरान अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग वह सैनिटाइजेशन किया जाएगा। साथ ही बचाव में प्रयोग लाई जाने वाली लाइफ जैकेट को समय-समय पर सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि उक्त नियम नैनीताल, भीमताल, नकुचियाताल, सातताल सरिताताल क्षेत्र के लिए लागू रहेंगे। पुलिस क्षेत्राधिकारी, अधिशासी अधिकारी,पर्यटन अधिकारी, थानाध्यक्ष, नाव एवं घोडा संचालक समिति को निर्देश दिेये कि वे जारी निर्देशों का गम्भीरता से अनुपालन कराएंगे। उल्लंघन करने पर आपदा प्रबन्धन एक्ट के तहत कार्यवाही की जायेगी।

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