रोडवेज की वाल्वो बसों को सवारियों का संकट, हर दूसरे-तीसरे दिन बस अड्डे से खाली लौट रही गाड़ी

काठगोदाम डिपो इंचार्ज डीएन जोशी ने बताया कि दिसंबर व जनवरी में भी वाल्वो की खूब डिमांड रहती थी।

परिवहन निगम के अफसर खुद हैरान है कि जिस वाल्वो की सीट पाने के लिए लोग सिफारिश तक करते थे। उसे दूसरे-तीसरे दिन स्टेशन से वापस काठगोदाम लौटना पड़ रहा है। हालांकि अनुबंधित होने की वजह से निगम को ज्यादा नुकसान नहीं हो रहा।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 06:06 AM (IST) Author: Prashant Mishra

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कोरोना काल के बाद से रोडवेज की अनुबंधित वाल्वो बसों को सवारियां नहीं मिल पा रही है। परिवहन निगम के अफसर खुद हैरान है कि जिस वाल्वो की सीट पाने के लिए लोग सिफारिश तक करते थे। उसे दूसरे-तीसरे दिन स्टेशन से वापस काठगोदाम लौटना पड़ रहा है। हालांकि, अनुबंधित होने की वजह से निगम को ज्यादा नुकसान नहीं हो रहा।

नैनीताल रीजन में कुल आठ डिपो आते हैं। इसमें सिर्फ काठगोदाम डिपो के पास वाल्वो बसें हैं। इस डिपो में छह अनुबंधित वाल्वो के अलावा दो एसी गाड़ी भी है। सभी को दिल्ली रूट पर चलाया जाता है। क्योंकि, कुमाऊं से सबसे ज्यादा सवारी इसी रूट पर चलती है। सामान्य बस में किराया 370 रुपये है और वाल्वो में दिल्ली का सफर तय करने के लिए यात्री को 819 रुपये चुकाने पड़ते हैं। उसके बावजूद वाल्वो गाड़ी पूरे साल फुल होकर ही निकलती थी। आरामदायक सफर करने की वजह से यात्री डेढ़ गुना किराया चुकाने पर परहेज नहीं करते थे। मगर अब स्थिति बदल गई है। काठगोदाम डिपो इंचार्ज डीएन जोशी ने बताया कि दिसंबर व जनवरी में भी वाल्वो की खूब डिमांड रहती थी। मगर अब बसों का खाली लौटना पड़ रहा है। सुबह आठ बजे वाली गाड़ी का संचालन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

15 और चालकों को नोटिस

काठगोदाम डिपो ने लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे तीन चालकों की सेवा समाप्त कर दी है। वहीं, 15 और चालकों को नोटिस भेजा गया। सभी लंबे समय से बिना मंजूरी अवकाश पर चल रहे हैं। नोटिस का जवाब नहीं देने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

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