गौला नदी में डूबे दोनों सगे भाइयों से मां ने कहा था...बेटा घर से ज्यादा दूर मत जाना

रामप्रसाद रोज की तरह सुबह मजदूरी के लिए घर से निकल गया था। कमलेश ने दोपहर में तीनों बच्चों को खाना खिलाया। इसके बाद रोमिंस और रोहन ने कहा कि वह बाहर जा रहे हैं। मां के पूछने पर बोले कि गली में कैरम खेलेंगे।

Skand ShuklaFri, 23 Jul 2021 01:52 PM (IST)
गौला नदी में डूबे दोनों सगे भाइयों से मां ने कहा था...बेटा घर से ज्यादा दूर मत जाना

गोविंद बिष्ट, हल्द्वानी : रामप्रसाद रोज की तरह सुबह मजदूरी के लिए घर से निकल गया था। कमलेश ने दोपहर में तीनों बच्चों को खाना खिलाया। इसके बाद रोमिंस और रोहन ने कहा कि वह बाहर जा रहे हैं। मां के पूछने पर बोले कि गली में कैरम खेलेंगे। जिस पर कमलेश ने कहा कि ठीक है लेकिन घर से ज्यादा दूर मत जाना बेटा। हर मां की तरह कमलेश ने बच्चों की फिक्र करते हुए यह शब्द कहे थे। लेकिन किसे पता था कि बेटों के साथ यह उसकी आखिरी बात होगी। काश दोनों भाई मां की सीख मानते। लेकिन बालमन उन्हें घर से दो किमी दूर खींच ले गया।

घर से कैरम खेलने को निकले दोनों भाई चार-पांच दोस्तों के साथ गौला नदी की तरफ चले गए थे। यहां सभी नहाने लग गए। इस बीच रोमिंस गहरे पानी में डूबने लगा तो रोहन ने भाई को बचाने के लिए छलांग लगा दी। मगर दोनों ही लापता हो गए। दूसरी तरफ चार बजे तक बेटों के घर नहीं लौटने पर स्वजन भी टेंशन में आ गए। इस दौरान नदी में नहाने को गए अन्य बच्चों ने मामले की सूचना दी तो पुलिस भी नदी की तरफ रवाना हो गई।

वहीं, गौला में अवैध खनन पर लगाम कसने को वन विभाग द्वारा सड़क किनारे गहरी खाई खोदी गई है। जिस वजह से पुलिस की जीप अंदर नहीं जा सकी। मोटर साइकिल व पैदल ही लोग घटनास्थल को रवाना हुए। जहां फायर के जवानों के साथ मिलकर एक-एक कर दोनों के शवों को बाहर निकाला गया।

पहले इंचार्ज दीवान ने लगाई छलांग

जिस लोकेशन पर बच्चे लापता हुए थे। वहां करीब 20 फीट से ज्यादा पानी था। जवाहर नगर चौकी इंचार्ज दीवान सिंह बिष्ट ने सबसे पहले पानी में छलांग लगाई। इसके बाद मंडी चौकी के जवान बसंत बल्लभ और फायरकर्मी भी पानी में उतरे। स्थिति को देखते जल पुलिस के जवान मनोज बहुखंडी को बुलाया गया था।

ऑनलाइन पढ़ाई को मोबाइल देना था

रोमिंस आठवीं और रोहन छठी क्लास का छात्र था। ऑनलाइन क्लास के लिए मोबाइल फोन लेना था। कमलेश और रामप्रसाद ने इसके लिए पैसे भी जुटाए थे। दोनों ही यही ख्वाहिश थी कि बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी न आए। लेकिन इस हादसे ने झटके में परिवार की उम्मीद और खुशियों को तोड़ दिया।

अब किस कलाई मे बांधेगी राखी

परिवार में सबसे छोटी पूजा है। मां-बाप के साथ दोनों बड़े भाइयों की भी लाडली। घटना के दौरान वह घर पर थी। मौत के बाद जब मां बेसुध हुई तो वह बगल में बैठी थी। ठीक एक महीने बाद 22 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। लेकिन रक्षा धागा बंधवाने वाले रोमिंस और रोहन अब नहीं रहे।

तीसरे को चौथे ने बचाया

पुलिस व लोगों के मुताबिक रोमिंस के बाद जब रोहन ने पानी में छलांग लगाई तो वहां अन्य दोस्त भी खड़े थे। इस दौरान एक तीसरा बच्चा भी दोनों भाइयों को बचाने लिए नदी में कूदने लगा। लेकिन तभी चौथे दोस्त ने खतरे को भांप उसका हाथ पकड़ लिया। वरना एक और साथी हादसे का शिकार हो जाता। वहीं, हादसे की सूचना पर स्थानीय जनप्रतिनिधी मनोज मठपाल व कमल मुनि जोशी तुरंत मदद को पहुंच गए थे।

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