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नैनीताल जिले में ओलों की मार से 50 फीसद गिरा सेब और आड़ू का उत्पादन

नैनीताल जिले में ओलों की मार से 50 फीसद गिरा सेब और आड़ू का उत्पादन

बेमौसम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से पर्वतीय क्षेत्र के काश्तकारों को मायूसी हाथ लगी है। उद्यान कृषि व राजस्व विभाग के सामूहिक सर्वेक्षण में फलोत्पादन को 40 से 50 प्रतिशत तक क्षति होने की बात सामने आई है। ओलावृष्टि ने सब्जियों को भी नुकसान पहुंचाया है।

Skand ShuklaMon, 17 May 2021 06:45 PM (IST)

हल्द्वानी, गणेश पांडे : बेमौसम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से पर्वतीय क्षेत्र के काश्तकारों को मायूसी हाथ लगी है। उद्यान, कृषि व राजस्व विभाग के सामूहिक सर्वेक्षण में फलोत्पादन को 40 से 50 प्रतिशत तक क्षति होने की बात सामने आई है। ओलावृष्टि ने सब्जियों को भी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में ओलावृष्टि से हुई क्षति का असर काश्तकारों की आजीविका पर पड़ेगा।

 

पिछले साल मानसून की विदाई के बाद पोस्ट मानसून काल में बारिश में कमी देखी गई थी। सर्दियों में भी सामान्य से दो तिहाई तक कम बारिश हुई। कृषि सचिव ने अप्रैल पहले सप्ताह में कम बारिश की वजह से फलों, सब्जियों व रबी की फसल को हुए नुकसान का सामूहिक सर्वे करने के निर्देश दिए। शुरुआती तौर पर नैनीताल जिले में सेब, आडू, खुमानी, पुलम को 50 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात सामने आई है। सीधे तौर पर इसका असर उत्पादन पर पड़ेगा। इसकी वजह से फल उत्पादन पर आश्रित रहने वाले काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सर्वे में रबी की फसल को नुकसान नहीं मिला।

 

रामगढ़, धारी हैं फलों की बेल्ट

नैनीताल जिले के रामगढ़, धारी, भीमताल व ओखलकांडा ब्लाॅक में सेब, आडू, खुमानी, पुलम आदि का बहुतायत से उत्पादन होता है। प्रदेश में उत्पादित होने वाले सेब, आडू में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी केवल नैनीताल जिले की है। जिले में आठ हजार से अधिक काश्तकार फलोत्पादन से जुड़े हैं।

 

जिले में 15 हजार काश्तकारों का बीमा

उद्यान विभाग के मुताबिक सब्जी व फल उत्पादन से जुड़े 15 हजार काश्तकारों ने बीमा कराया है। इसमें सेब व आलू उत्पादक सबसे अधिक हैं। नियमानुसान काश्तकारों को ओलावृष्टि या अतिवृष्टि होने के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी लिखित सूचना देनी होती है। निरीक्षण के बाद बीमा का क्लेम मिलता है।

 

फलों में ये नुकसान मिला

ओलों की मार से काफी फल गिर गया। सेब, आडू व खुमानी का दाना चोटिल हुआ है। इससे फलों में दाग बन गए। इससे फलों का आकार छोटा होगा। चोटिल फलों के ग्रेडिंग में फेल होने से कीमत काफी कम मिलेगी।

 

राज्य में फलोत्पादन (मीट्रिक टन में)

सेब 62089

आडू 58801

लीची 24640

आम 156792

 

विभागीय सर्वे में फलों को 40 से 50 प्रतिशत क्षति पहुंचने की बात सामने आई है। राजस्व विभाग के प्रपत्रों से मिलान के बाद फाइनल रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।

-भावना जोशी, जिला उद्यान अधिकारी नैनीताल

 

कम बारिश की वजह से रबी की फसल गेहूं, मसूर, जौ आदि को नुकसान नहीं मिला। हालांकि कुछ ब्लाॅक में सब्जियों को जरूर कुछ नुकसान पहुंचा है। जल्द ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

-डा. धनपत कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी नैनीताल

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