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निजी कंपनी चलाएगी रामनगर का अस्पताल

संवाद सहयोगी, रामनगर : अब संयुक्त चिकित्सालय सात जुलाई से निजी कंपनी के हाथों में चला जाएगा। शनिवार को चिकित्सालय के सामान व उपकरणों को प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधियों को सौंपने की कार्रवाई दिन भर चलती रही। प्राइवेटी कंपनी को चिकित्सालय का संचालन करने के एवज में राज्य सरकार हर महीने धनराशि का भुगतान करेगी।

राज्य सरकार ने टेडर प्रक्रिया के तहत रामनगर के सरकारी संयुक्त चिकित्सालय को मुरादाबाद के हॉस्पिटल की एक कंपनी को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए दे दिया था। पीपीपी मोड में जाने पर सरकार द्वारा संयुक्त चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक, नर्स व कर्मचारियों को अन्य तबादला कर दिया है। कंपनी के संचालकों ने अपनी जरूरत के हिसाब से संयुक्त चिकित्सालय में मरम्मत कराकर बदलाव भी करा दिया। उनके द्वारा अपने प्राइवेट चिकित्सक व कर्मचारियों की तैनाती भी करनी शुरू कर दी है। सात जुलाई से सरकारी चिकित्सालय का संचालन पूरी तरह से प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। ऐसे में शनिवार को चिकित्सकों कर्मचारियों ने अपनी ओपीडी व कक्षों में रखे सामान तथा उपकरणों की पूरी लिस्ट बनाकर कंपनी के प्रतिनिधियों को सौंपी। सीएमएस बीडी जोशी ने बताया कि सात जुलाई से चिकित्सालय व यहा मौजूद हर चीज को पीपीपी मोड संचालकों को सौंप दिया जाएगा। कुछ दिन सरकारी चिकित्सक नए चिकित्सकों की मदद के लिए रहेगे। इसके बाद वह अपने नए कार्यस्थल में ज्वाइनिंग देंगे। वहीं प्राइवेट कंपनी के हाथों जाने के बाद मरीजों को राहत मिलेगी। लोगों ने बताया कि निजी कंपनी द्वारा अनुभवी डॉक्टर रखने की उम्मीद है। जिससे मरीजों को अच्छी सुविधा मिल सकेगी।

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