बागेश्‍वर जिले की एएनएम पूनम से पीएम मोदी ने की बात, वैक्‍सीनेशन के लिए दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के 82वें संस्करण में उत्‍तराखंड के बागेश्‍वर जिले के उपकेंद्र चामी में तैनात एएनएम पूनम नौटियाल से बात की। इस दौरान पीएम ने पूनम का हौसला बढ़ाया और उपकेन्‍द्र में वैक्‍सीनेशन के पहले डोज का शत प्रतिशत लक्ष्‍य पूरा करने की बधाई भी दी।

Skand ShuklaSun, 24 Oct 2021 02:18 PM (IST)
बागेश्‍वर जिले की एएनएम पूनम से पीएम मोदी ने की बात, वैक्‍सीनेशन के लिए दी बधाई

बागेश्वर, जागरण संवाददाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 82वें संस्करण में उत्‍तराखंड के बागेश्‍वर जिले के उपकेंद्र चामी में तैनात एएनएम पूनम नौटियाल से बात की। इस दौरान पीएम ने पूनम का हौसला बढ़ाया और उपकेन्‍द्र में वैक्‍सीनेशन के पहले डोज का शत प्रतिशत लक्ष्‍य पूरा करने की बधाई भी दी। उन्‍होंने कहा कि आपने भौगोलिक दृष्टि से बेहद विषम परिस्‍थि‍तियों में काम किया है। आपका काम दूसरों के लिए प्रेरणादायक है। इस दौरान पूनम ने भी पीएम से अपने अनुभव साझा किए।

पिता देहरादून में तैनात, खुद बागेश्‍वर में तैनात

उत्तरकाशी के भेटियागांव निवासी पूनम नौटियाल फरवरी 2019 से उपकेंद्र चामी में एएनएम पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व वह संविदा पर टेहरी में छह वर्ष तक कार्यरत रहीं। चामी में उनकी पहली ज्वाइनिंग थी। उनके पति कमल किशोर नौटियाल वन विभाग देहरादून में संविदा पर कार्यरत हैं। आठ वर्ष की बेटी आराध्या और तीन वर्ष का बेटा आयामस पूनम के साथ रहते हैं। वह एक मां का रोल अदा करने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का काम कर रही हैं।

पीएम बोले, मुझे भी मिला है बागेश्‍वर जाने का सौभाग्‍य

इसबीच पूनम अवकाश पर अपने गांव भेटियागांव गईं हुई हैं। रविवार को प्रधानमंत्री मोदी मन की बात के साथ उनसे रूबरू हुए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा सौभाग्य है मुझे बागेश्वर आने का अवसर मिला था। क्योंकि बागेश्वर तीर्थ क्षेत्र है। वहां पुरातन मंदिर भी हैं और मैं बहुत प्रभावित हुआ था। सदियों पहले कैसे लोगों ने काम किया होगा। पीएम ने पूनम से बात करते हुए उनके क्षेत्र में कोविड वैक्सीनेशन की जानकारी भी ली।

वैक्‍सीनेशन के लिए आठ से दस किमी पैदल सफर करती थीं पूनम

पूनम ने वैक्सीनेशन के दौरान आई दिक्कतों के बारे में पीएम मोदी को बताया कि यहां बारिश के कारण अक्सर रोड बंद हो जाती थी। ऐसे में हमने कई खतरे भी उठाए और नदियों और घाटियों को पार करते हुए घर-घर जाकर उन लोगों का वैक्सीनेशन किया, जो सेंटर में आने में असमर्थ थे. जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग, गर्भवती महिलाएं। पूनम ने आगे बताया कि एक दिन में उन्हें आठ से 10 किलोमीटर तक पैदल सफर तय करना पड़ता था। पूनम ने बताया कि उनकी टीम में एक डाक्टर, फार्मासिस्ट, आशा, एनएनएम और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर है। कहीं-कहीं नेटवर्क मिल जाते थे। अक्सर डाटा एंट्री का काम हम बागेश्वर आकर ही करते थे।

पूनम ने कहा, कुछ भी कर सकती हैं महिलाएं

पूनम नौटियाल, एएनएम, उपकेंद्र चामी, बागेश्वर का कहना है कि महिलाएं यदि मन में ठान लेती हैं तो वह उसे आसान भी बना देती हैं। मेहनत, लगन और लक्ष्य साध कर काम करने में सफलता हासिल होती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी कोविड-19 डा. प्रमोद कुमार जंगपांगी ने बताया कि पूनम की टीम ने बेहतर काम किया है। शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन करने वाला केंद्र है। बेहतर काम के लिए उनकी प्रधानमंत्री से बात हुई है। जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे को गर्व है।

टीम ने ऐसे किया काम

पूनम ने बताया कि हमने प्रत्येक व्यक्ति की गांव वाइज लिस्ट बनाई थी। उस हिसाब से जो लोगों सेंटर में आकर वैक्सीन ले रहे थे। उनका डॉटा एकत्र किया और साथ ही जो लोग सेंटर नहीं पहुंचे, फिर उन्हें घर-घर जाकर वैक्सीन लगाई। लोगों का समझाना पड़ता था कि वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है।

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