कोविड के डर के कारण छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में हिचकिचा रहे हैं अभिभावक

कोरोना की दूसरी लहर के बाद छह से आठवीं की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। सोमवार को पहले दिन हल्द्वानी ब्लॉक में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही। करीब चार माह बाद स्कूल खुलने से कक्षा छह के अधिकांश बच्चे बिना ड्रेस दिखे।

Skand ShuklaTue, 17 Aug 2021 08:32 AM (IST)
कोविड के डर के कारण छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में हिचकिचा रहे हैं अभिभावक

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कोरोना की दूसरी लहर के बाद छह से आठवीं की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। सोमवार को पहले दिन हल्द्वानी ब्लॉक में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही। करीब चार माह बाद स्कूल खुलने से कक्षा छह के अधिकांश बच्चे बिना ड्रेस दिखे। थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजेशन के बाद बच्चों को स्कूल परिसर में प्रवेश दिया गया। इससे जाहिर है कि छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में अभिभावक हिचकिचा रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में स्कूल ड्रेस की धनराशि अभी बच्चों के खातों तक नहीं पहुंची है। मुफ्त किताबों की धनराशि भी अभी नहीं मिली है, लेकिन अधिकांश बच्चों ने मांगकर या खरीदकर किताबें जुटा ली हैं। हल्द्वानी ब्लॉक के 12 संकुलों में सोमवार को 34.83 प्रतिशत उपस्थिति रही। ब्लॉक में शासकीय, सहायता प्राप्त अशासकीय व निजी मिलाकर 215 स्कूल हैं। बीईओ हरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि सोमवार को 198 स्कूल खुले। छठी से 12वीं तक पंजीकृत 44843 छात्रों में 15621 उपस्थित रहे। जूनियर कक्षाओं में उपस्थिति 10 से 20 प्रतिशत ही रही।

उपस्थिति बढ़ी तो सम-विषम में बुलाएंगे

जीजीआइसी कालाढूंगी रोड पर कक्षा छह में 55 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को महज 9 बच्चे स्कूल आए। स्कूल आने के लिए अभिभावकों का सहमति पत्र जाना अनिवार्य किया गया है। प्रधानाचार्य देवकी आर्या ने बताया कि संख्या बढ़ती है तो सम व विषम अनुक्रमांक के आधार पर अलग-अलग दिन बच्चे बुलाए जाएंगे।

योग के साथ हुई कक्षा की शुरुआत

राजकीय जूनियर हाईस्कूल जेल रोड में 119 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन 35 बच्चे उपस्थित रहे। शिक्षिका गीता आर्या ने पढ़ाई से पहले योग व ध्यान कराकर बच्चों में ऊर्जा भरने का काम किया। सीआरसी समन्वयक हरीश बिष्ट ने बच्चों को कोविड-19 के गाइडलाइन के पालन की जानकारी दी।

ऑनलाइन पढ़ाई में पिछड़ रहे आमडंडा के बच्चे

रामनगर : आमडंडा खत्ता में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल सिग्नल न मिलने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों के शिष्टमंडल ने सोमवार को एसडीएम विजयनाथ शुक्ल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल ने बताया कि रामनगर शहर से दो किलोमीटर की दूरी पर सीटीआर के तहत वन गांव आमडंडा है। वन ग्राम होने की वजह से गांव में कोई भी सुविधा नहीं है। दूर-दूर तक मोबाइल टावर भी नहीं है। जिस वजह से मोबाइल के सिग्नल भी गांव में ठीक से नहीं आते हैं। एसडीएम को बताया कि डेढ़ साल से स्कूल एवं कॉलेज की पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है। मोबाइल कनेक्टिविटी न होने के कारण बच्चे न तो स्कूल कॉलेज की पढ़ाई ऑनलाइन कर पा रहे हैं और न अपनी परीक्षाओं एवं कोचिंग की तैयारी कर पा रहे हैं।

 

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