कोविड अस्पताल में भर्ती के बाद एसटीएच में खुलेगी ओपीडी, एसटीएच प्रशासन ने बनाई रणनीति

कोविड अस्पताल में कोविड मरीजों को भर्ती करने की तैयारी चल रही है। अस्पताल प्रशासन विचार कर रहा है कि अस्थायी अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती कर दिया जाए। इसके बाद एसटीएच में अन्य मरीजों के लिए ओपीडी खोल दी जाएगी।

Prashant MishraSat, 05 Jun 2021 07:52 AM (IST)
कोराेना महामारी के बीच सुशीला तिवारी की ओपीडी बंद है। इससे आम लोगों को खासी समस्या उठानी पड़ रही है।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : जनरल बीसी जोशी अस्थायी कोविड अस्पताल में कोविड मरीजों को भर्ती करने की तैयारी चल रही है। अस्पताल प्रशासन विचार कर रहा है कि अस्थायी अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती कर दिया जाए। इसके बाद एसटीएच में अन्य मरीजों के लिए ओपीडी खोल दी जाएगी।

एसटीएच के चिकित्सा अधीक्षक डा. अरुण जोशी ने बताया कि अस्थायी कोविड अस्पताल का संचालन भी हमें करना है। इसके लिए शुक्रवार को भी बैठक हुई। इस पर रणनीति तय की जा रही है कि अस्थायी अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती कर दिया जाता है तो फिर एसटीएच में सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी खुल जाएगी। तैयारी पूरी होने पर जल्द ही इस मामले में निर्णय ले लिया जाएगा। कोराेना महामारी के बीच सुशीला तिवारी की ओपीडी बंद है। इससे आम लोगों को खासी समस्या उठानी पड़ रही है। कोरोना की बीमारी तो अलग सैकड़ों मरीजों को जो कि अन्य बीमारियों से पीडि़त है, इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में एसटीएच प्रशासन ने निर्णय लिया है। कोविड अस्पताल में एडमिट होने के बाद एसटीएच को राहत मिलेगी। एेसे में इसे आम लोगों के लिए ओपीडी को खोला जा सकता है।

तेजी से घटने लगी कोरोना मरीजों की संख्या

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से 36 करोड़ से अधिक की लागत से बने अस्पताल का संचालन एसटीएच को ही करना है। फिलहाल 30 डाक्टर, 22 स्टाफ नर्स समेत अन्य की ड्यूटी तय की है। हालांकि वहां पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन की जांच की सुविधा नहीं है। अच्छी बात यह है कि कोरोना मरीजों की संख्या लगातार घट रही है। एसटीएच में ही केवल 120 मरीज रह गए हैं। जबकि अस्पताल में 12 आइसीयू व 311 ऑक्सीजन बेड खाली हो चुके हैं।

127 नए मरीज, छह डिस्चार्ज

जिले में कोरोना संक्रमण के 127 नए मामले सामने आए हैं। यह संख्या भी कम हो रही है। वहीं एसटीएच में छह मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए।

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