बागेश्वर में भूस्खलन से एक राज्य मार्ग और 21 ग्रामीण सड़कें बंद, भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त

भूस्खलन मलबा और बोल्डर आने से एक राज्य मार्ग और 21 ग्रामीण सड़कें आवागतन के लिए पूरी तरह बंद हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को तहसील और जिला मुख्यालय से एक तरह से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है।

Prashant MishraSun, 20 Jun 2021 02:54 PM (IST)
संबंधित विभाग सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं। लेकिन बारिश से काम प्रभावित हो रहा है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : जिले में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। भूस्खलन, मलबा और बोल्डर आने से एक राज्य मार्ग और 21 ग्रामीण सड़कें आवागतन के लिए पूरी तरह बंद हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को तहसील और जिला मुख्यालय से एक तरह से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। हालांकि संबंधित विभाग सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं। लेकिन बारिश से काम प्रभावित हो रहा है।

बारिश से बागेश्वर-दफौट, कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर, कपकोट-शामा-तेजम, भयूं-गुलेर, सिरलोनी-लोहागढ़ी, कंधार-रौल्याना, जैंसर-रियूनीलखमार, खातीगांव-कपूरी, खातीगांव-देवतोली, कंधार-मजकोट, डंगोली-सलानी, बैजनाथ-तिलसारी, बालीघाट-धरमघर, काफलीगैर-खौलसीर, दुदिला-अमोली, अमसरकोट-सातरवे, कमेड़ीदेवी-भैसूड़ी, कपकोट-तोली-बघर, कपकोट-कर्मी, तोली, धरमघर-माजखेत, खड़लेख-भनार आदि 22 मोटर मार्ग आवागमन के लिए पूरी तरह बंद हो गए हैं। जिसमें राज्य मार्ग एक और 21 ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। सड़कों पर मलबा, बोल्डर और भूस्खलन होने के कारण काम भी प्रभावित हो रहा है। देवनाई मोटर मार्ग में भारी मात्रा में भूस्खलन होने से आवागमन बंद हैं। इधर, नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सरयू, गोमती खतरे के निशान तक पहुंच गई हैं। जिससे पेयजल का संकट पैदा हो गया है।

खांतोली गांव की पुलिया ध्वस्त

कांडा तहसील के खांतोली में एक पुलिया ध्वस्त हो गई है। भारी भूस्खलन के कारण रास्ता भी बंद हो गया है। जिससे गांवों में रहने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। खांतोली के अलावा कभाटा, रिखाड़ी, पोखरी, आगर आदि गांवों की लगभग तीन हजार जनता प्रभावित हो गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य कल्पना चंदोला ने तत्काल पुलिया की मरम्मत करने की मांग की है।

पेड़ गिरने से यातायात बाधित

वन विभाग मोटर मार्ग में रविवार की सुबह पेड़ गिरने से लगभग एक घंटे यातायात बाधित रहा। लोनिवि और वन विभाग की टीम ने बामुश्किल सड़क से पेड़ हटाया। पेड़ गिरने से आसपास के मकान बालबाल बच गए।

नदियों का जलस्तर

सरयू-866.60 मीटर

गोमती-862.90 मीटर

बैजनाथ बैराज-1112.40 मीटर

बारिश का आंकड़ा

बागेश्वर-35.00 एमएम

गोमती-47.00 एमएम

कपकोट-40.00 एमएम

जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम युद्धस्तर से चल रहा है। बारिश के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 21 जून को भी बारिश के आसार बने हुए हैं।

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