बेतालघाट ब्‍लॉक क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जा, अभिलेखों की जांच में हुआ खुलासा

बेतालघाट ब्‍लॉक क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जा, अभिलेखों की जांच में हुआ खुलासा !

नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक के जजूला गांव के क्वीटी क्षेत्र में संरक्षित प्रजाति के पेड़ काटे जाने और नाप जमीन की आड़ में भारत सरकार भूमि पर कब्जा करने की पुष्टि हो गई है। राजस्व उपनिरीक्षक व वन विभाग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया।

Publish Date:Wed, 27 Jan 2021 01:50 PM (IST) Author: Skand Shukla

गरमपानी, संवाद सहयोगी : नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक के जजूला गांव के क्वीटी क्षेत्र में संरक्षित प्रजाति के पेड़ काटे जाने और नाप जमीन की आड़ में भारत सरकार भूमि पर कब्जा करने की पुष्टि हो गई है। राजस्व उपनिरीक्षक व वन विभाग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। राजस्व उपनिरीक्षक के अनुसार रिपोर्ट उच्चधिकारियों को दी जाऐगी। भारत सरकार भूमि पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।

बेतालघाट ब्लॉक के कुछ गांवों में बिल्डर लगातार नाप जमीन की आड़ में वन पंचायत तथा भारत सरकार भूमि पर कब्जा जमा रहे हैं। ऊंची पहुंच का रौब दिखाकर गांव के वासिंदों को धमकाया भी जा रहा है। बीते दिनों ब्लॉक के फल्याडी़ गांव में सरपंच कमल बधानी द्वारा संयुक्त मजिस्ट्रेट को शिकायती पत्र देने के बाद प्रशासन ने वन पंचायत भूमि को एक बिल्डर के कब्जे से मुक्त ही करवाया था कि जो जजूला गांव में संरक्षित प्रजाति के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आ गया। 

पेड़ काट सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने का आरोप लगा ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग उठाई। मामले से वन विभाग तथा राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। रेंजर कोसी रेंज तनुजा परिहार के निर्देश पर वन विभाग की टीम में मौका मुआयना किया। जमीन की पुष्टि करने को राजस्व विभाग की उपनिरीक्षक जया बिष्ट भी मौके पर पहुंचीं। जायजा लेने तथा अभिलेख जांचने के बाद राजस्व उपनिरीक्षक ने भूमि के सरकारी होने की पुष्टि की। प्रारंभिक जांच में संरक्षित प्रजाति के करीब चालीस से ज्यादा पेड़ काटे जाने की भी पुष्टि हुई, कुछ छोटे पेड़ भी काटे गए हैं। 

नाप जमीन की आड़ में फल्याणी तथा जजूला के क्वीटी क्षेत्र में भारत सरकार जमीन पर कब्जा जमाने का मामला सामने आने पर शांत गांवो में बिल्डरों के बड़ते दखल का भी खुलासा हो गया है। लगातार मामले सामने आने के बाद अब ग्रामीणों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। आसपास के गांवों के लोगों ने मामले पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। चेताया है कि यदि ऐसे मामलो की पुनरावृत्ति हुई तो तहसील मुख्यालय में धरना दिया जाएगा।

राजस्व उपनिरीक्षक जया बिष्ट ने बताया कि मौके पर जाकर जांच की गई है। अभिलेख जांचने से पता चला है की जिस जमीन पर पेड़ काटे गए है वह सरकारी जमीन है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाऐगी। कब्जा नही होने दिया जाऐगा।निर्देश मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाऐगी।

हरे पेड़ काट फलदार पौधे लगाने की असलियत का हुआ खुलासा

कब्जा जमाने के लिए नायाब तरीका खोज निकाला गया है। हरे भरे पेड़ काटने के बाद भारत सरकार भूमि पर आड, पूलम, खुमानी के पौधे रोपे गए हैं ताकि किसी को भी भूमि पर कब्जा करने पर शक ना हो। ग्रामीणों के पूछने पर बताया जाता कि फलदार पौधे रोपे जा रहे हैं। मामले का खुलासा होने के बाद हरे भरे पेड़ काटने के बाद नए फलदार पौधे लगाने के पीछे की असलियत का भी खुलासा हो गया।

 

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